लखनऊ। सीएम योगी के कुशल और दूरदर्शी नेतृत्व में यूपी सरकार ने समाज के सबसे कमजोर वर्गों जैसे बुजुर्ग,निराश्रित महिलाएं और दिव्यांगजनों को सम्मानजक जीवन देने के लिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना (SSPY, 2026)मजबूत किया।यूपी सरकार की ये योजना अंत्योदय दर्शन का जीता जागता उदाहरण है।जो समाज के अंतिम पायदान पर खड़े शख्स तक सीधे पहुंचती है।
2025-26 में योजना से किसको कितना लाभ?
कुल लाभार्थी-1,04,79,889 (लगभग 1.05 करोड़)
वृद्धावस्था पेंशन- 67,50,000 लाभार्थी,4,061.29 करोड़ रुपये वितरित
निराश्रित महिला (विधवा) पेंशन-26,12,786 लाभार्थी, 783.83 करोड़ रुपये वितरित
दिव्यांग पेंशन-11,04,703 लाभार्थी, 331.40 करोड़ रुपये वितरित
कुल व्यय- 5,288 करोड़ रुपये से अधिक
ये आंकड़े बताते हैं कि, योगी सरकार ने पेंशन वितरण को पारदर्शी,समयबद्ध और बिचौलिया मुक्त बनाकर लाखों जरूरतमंदों को आर्थिक सहायता प्रदान की है।
SSPY योजना क्या है?
उत्तर प्रदेश सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना यूपी सरकार की प्रमुख कल्याणकारी योजना है। इसमें 3 मुख्य श्रेणियां शामिल हैं-
वृद्धावस्था पेंशन — 60 साल से अधिक आयु के पात्र बुजुर्गों के लिए।
निराश्रित महिला/विधवा पेंशन — 18 से 60 साल की विधवाओं के लिए।
दिव्यांगजन पेंशन — 40प्रतिशत या अधिक विकलांगता वाले शख्स के लिए (कुष्ठ रोगियों को विशेष सहायता)।
योजना से लाभ क्या?
जो भी शख्स योजना का लाभ पाने का पात्र होता है,उस लाभार्थी को 1,000 हर महीने दिया जाता है।पेंशन तिमाही आधार पर तीन हजार की किस्त में आधार से जुड़े बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर किया जाता है।
योजना का लाभ पाने की शर्त क्या ?
पात्र उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए।
वृद्धावस्था- 60 साल या अधिक आयु, ग्रामीण क्षेत्र में वार्षिक आय 46,080रुपये से कम। शहरी क्षेत्र में 56,460 रुपये से कम।
विधवा- पति का निधन हो चुका हो, आयु 18-60 साल।
दिव्यांग- 40%या अधिक विकलांगता प्रमाण-पत्र।
परिवार BPL या निम्न आय वर्ग का हो।
आवेदन प्रक्रिया,कैसें करें आवेदन?
आधिकारिक पोर्टल sspy-up.gov.in पर जाएं।
ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरें।
जरूरी दस्तावेज अपलोड करें- आधार कार्ड, बैंक पासबुक, आय प्रमाण-पत्र, विकलांगता/मृत्यु प्रमाण-पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो आदि।
जरूरत पड़ने पर CSC केंद्र या ब्लॉक कार्यालय की मदद ले सकते हैं।
आवेदन स्वीकृत होने के बाद पेंशन DBT से शुरू हो जाती है।
योगी सरकार ने कोई भी पात्र वंचित न रहे,इसके लिए पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाकर पारदर्शिता सुनिश्चित की है।यही योगी सरकार का संकल्प भी है।
2017 से पहले जहां पेंशन की राशि केवल 500 रुपये मात्र थी,और वितरण में भारी अनियमितता बरती जा रही थी।वहीं योगी सरकार ने न केवल योजना में दी जाने वाली रकम को 500 से बढ़ाकर 1000 रुपये किया,बल्कि डीबीटी लागू करके लाभार्थियों को मिलने वाली राशि सीधे उनके खाते में भेजने की व्यवस्था की। इसका लाभ ये हुआ कि, लाभार्थियों की संख्या बढ़कर 1.05 करोड़ रुपये हो गई।
योगी सरकार की इस योजना का लाभ ये है कि, आज लाखों बुजुर्ग माता-पिता अपने बेटे और बहू के आश्रित नहीं हैं,उन पर बोझ नहीं हैं।विधवा बहनों को भी आर्थिक स्वावलंबन मिला है। और हमारे दिव्यांग भाई-बहन भी आज सम्मान का जीवन जी रहे हैं।यूपी सरकार की ये योजना न केवल ऐसे लोगों को आर्थिक सहारा देती है,बल्कि समाज में ऐसे लोगों प्रति संवेदना और सम्मान की भावना को भी मजबूत करती है।
