असीम और पाठक समर्थक आमने-सामने!
Kannauj BJP Internal Conflict– यूपी में विधानसभा चुनाव को लेकर सभी दल अपने संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं।लेकिन कन्नौज बीजेपी में संगठन खींचतान का राग अलापता दिखाई पड़ रहा है। पार्टी की अंदरुनी गुटबाजी अब सतह पर दिखाई पड़ने लगी है।जी हां,सही सुन रहे हैं आप,जिले के दो बड़े नेताओं के समर्थकों के बीच पोस्टरवार शुरू हो गया है।सोशल मीडिया पर छिड़ी इस जंग ने जिले की सियासत में उबाल ला दिया है।
बैनर से फोटो क्या गायब हुई,चढ़ गई त्यौरियां!
विवाद की सारी जड़ बीजेपी के एक कार्यक्रम में लगे बैनर से हुई।कहा जा रहा है कि,कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार के लिए लगाए गए बैनर से पूर्व सांसद और बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुब्रत पाठक की फोटो नदारद थी।भला ये बात पाठक जी के समर्थकों को कैसे रास आती। लिहाजा खोल दिया मोर्चा,और जता दी अपनी नाराजगी। भाई साहब आखिरकार अपने नेता को भी दिखाना और बताना है कि,हम उनके खास हैं।
सुब्रत पाठक के नजदीकी कहे जाने वाले बीजेपी नेता अनुज गुप्ता ने सोशल मीडिया पर लिखा’’सुब्रत पाठक जी किसी फोटो, पोस्टर या बैनर के मोहताज नहीं हैं। उनकी पहचान केवल कन्नौज तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश में उनकी राजनीतिक छवि स्थापित है।‘’
अब पाठक जी के समर्थक ने नाराजगी दिखाई,तो मैनेज तो करना ही था,भाई आखिरकार पूर्व सांसद और बड़े नेता की बात जो ठहरी।लिहाजा मामले को तूल पकड़ता देख बीजेपी जिलाध्यक्ष वीर सिंह भदौरिया ने इसे अनजाने में हुई चूक करार दे दिया।और तत्काल दूसरा पोस्टर जारी करने के निर्देश दे दिये। जिसके बाद संशोधित पोस्टर जारी कर दिया गया। इस पोस्टर में सुब्रत पाठक की तस्वीर बाकायदा लगा दी गई।जिससे समर्थकों का गुस्सा भी ठंडा हो जाए। और बात भी ज्यादा आगे तक न जाए। पोस्टर में हुई चूक का ठीकारा बेचारे एआई पर फोड़ दिया गया।और एआई ने भी बिना कोई बहस किये,इसे अपनी गलती मान ली। वैसे भी एआई बेचारा तो हमेशा कहता है कि,उससे गलती हो सकती है। लेकिन जब पोस्टर छपा,तो क्या किसी ने नेता ने देखा नहीं? ये गौर नहीं किया कि,पोस्टर पर सुब्रत पाठक की फोटो नहीं है?
अरे भाई हो सकता है,जिसको जिम्मेदारी दी हो,वो भूल गया हो,या गर्मी की छुट्टी मानने कहीं पहाड़ पर चला गया हो। गलती तो किसी से हो सकती है।लेकिन गनीमत है कि,बेचारे एआई ने कोई शिकायत नहीं की। चुपचाप अपनी गलती मान ली।
एक गलती सुधारी,दूसरे में फिर वही चूक!(Kannauj BJP Internal Conflict)
अभी बेचारे जिलाध्यक्ष भदौरिया जी ने एक पोस्टर में गलती सुधारी ही थी कि,दूसरी गलती सामने आ गई। जिसने पाठक जी के समर्थकों का गुस्सा और भड़का दिया। हुआ यूं कि,तिर्वा मेडिकल कॉलेज में आयोजित एक कार्यक्रम के लिए लगाए गए होर्डिंग और पोस्टर में भी सुब्रत पाठक की फोटो नहीं दिखाई नहीं दी।फिर क्या था, पाठक जी के समर्थकों का पारा हाई हो गया। और उन्होंने बाकायदा इसकी मुनादी कर दी।
सोशल मीडिया पर दोनों गुटों के समर्थकों के पोस्ट, टिप्पणियां और बयान सामने आने लगे। असीम अरुण के समर्थकों का कहना था कि ‘’असीम अरुण का राजनीतिक व्यक्तित्व किसी प्रचार अभियान का मोहताज नहीं है। और वो जनता के बीच विकास और भरोसे का चेहरा बनकर उभरे हैं।असीम के समर्थकों ने कहा कि, वो जनता की सेवा के लिए राजनीति में आए हैं, और उनका लक्ष्य संगठन को मजबूत करना है।
असीम गुट पर पाठक गुट का पलटवार
वहीं दूसरी तरफ पाठक गुट के समर्थक इसे अपने नेता की अनदेखी से जोड़कर देख रहे हैं। पाठक समर्थक अनुज गुप्ता ने आरोप लगाया कि,’’असीम अरुण के इर्द-गिर्द कुछ लोगों का एक समूह सक्रिय है,जो लंबे वक्त से संगठन के लिए काम कर रहे कार्यकर्ताओं को उचित सम्मान नहीं दे रहा है।यही नहीं अनुज गुप्ता ने यह भी आरोप लगाया कि,असीम अरुण के समर्थकों में कुछ लोग ऐसे हैं,जो कभी एसपी सांसद डिपंल यादव के कन्नौज आने पर फूलों की वर्षा करते थे।लेकिन आज वो बीजेपी में सक्रिय कार्यकर्ता होने का दावा करते हैं।
अखिलेश ने भी किया करारा तंज
कन्नौज बीजेपी में मचे इस घमासान को लेकर अखिलेश यादव ने भी करारा तंज किया है। उन्होंने कहा कि,’’ भारतीय जनता पार्टी के दोनों इंजन आपस में टकरा रहे हैं’’
भाजपा की इस अंदरूनी खींचतान पर विपक्ष ने भी निशाना साधना शुरू कर दिया है। कन्नौज से सांसद और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के “दोनों इंजन आपस में टकरा रहे हैं और दोनों के पेट बड़े हैं।”
