योगी सरकार की Mukhyamantri jan Arogya yojana- अब इलाज के लिए कर्ज नहीं
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र क्रांतिकारी परिवर्तन किया है।इसके लिए सीएम योगी ने मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना को पूरे सूबे में प्रभावशाली ढंग से लागू किया है।योगी सरकार की ये योजना आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का राज्य विस्तार है।जिससे गरीबों का 5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज होता है।दरअसल इस योजना के जरिये राज्य सरकार BPL, SC/ST/OBC,EWS परिवारों को 5 लाख तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान करती है।सीएम योगी के कुशल और दूरदर्शी नेतृत्व में मुख्यमंत्री जनआरोग्य योजना से न केवल गरीबों की गंभीर बीमारियों का इलाज होता है,बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं को समाज के अंतिम छोर तक पहुंचाने में मदद भी मिलती है।मुख्यमंत्री जनआरोग्य योजना के तहत कैंसर,ह्द्य रोग,किडनी फेलियर,लीवर ट्रांसप्लांट,न्यूरो सर्जरी जैसी जटिल बीमारियों का इलाज सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में बिना मरीज का एक पैसे खर्च किये होता है।इस योजना के तहत प्री एक्जिस्टिंग बीमारियों भी कवर की जाती हैं।साथ ही हॉस्पिटल में एडमिट होने से 3 दिन पहले और 15 दिन बाद का खर्च भी वहन किया जाता है।
योजना से होने वाले लाभ
हर परिवार को 5लाख सालाना स्वास्थ्य बीमा कवर।
1,300 से अधिक पैकेज और 25+ स्पेशलिटी में इलाज।
यूपी में कहीं भी किसी भी सूचीबद्ध हॉस्पिटल में इलाज और पोर्टेबिलिटी।
डिजिटल गोल्डन कार्ड से इलाज में सुविधा,पारदर्शी प्रक्रिया,एआई से ट्रैकिंग।
करोड़ों लोगों को मिला गोल्डन कार्ड,5 करोड़ से अधिक लोगों को कवरेज ।
कैसे मिलेगा योजना का लाभ?
मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ पाने के लिए कोई खास शर्त नहीं है।SECC 2011 के डेटा के आधार पर गरीब परिवार,70साल से अधिक के बुजुर्ग नागरिकों को अतिरिक्त करव दिया जाता है।राज्य के अन्य कमजोर वर्ग को भी चाहे वो महिला हो पुरुष हो या बच्चा सभी योजना का लाभ ले सकते हैं। इनके लिए कोई आयु सीमा भी निर्धारित नहीं की गई है।
कैसे करें आवेदन?
ayushmanup.in या pmjay.gov.in पर जाकर पहले ऑनलाइन अपनी पात्रता की जांच कर लें।पात्र पाए जाने पर CSC केंद्र, आयुष्मान मित्र या अस्पताल में जाकर इलाज के लिए गोल्डन कार्ड बनवाएं।इसके ले केवल आधार और राशन कार्ड ही दस्तावेज के रूप में पर्याप्त होगा।
2026 तक की प्रमुख उपलब्धियां
योजना से लाभ पाने वालों की संख्या-,56,82,304 {लगभग 9.57 करोड़}
आयुष्मान गोल्डन कार्ड जारी किये गये- 5,76,00,000 {5.76 करोड़}
एम्पैनल्ड हॉस्पिटल- 6,391 (सरकारी और निजी मिलाकर)
प्री-अथॉराइजेशन- 96,14,580
कितने क्लेम सबमिट हुए- 92,41,289
क्लेम सेटलमेंट रेशियो- 92.15%
इन आंकड़ों से साफ है कि,योगी सरकार की कोशिशों से योजना तेजी से आगे बढ़ रही है।प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अलावा राज्य सरकार की मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से उन परिवारों को कवर किया जाता है,जो केंद्र की योजना का लाभ नहीं ले पाए।
कहने में गुरेज नहीं कि,योगी सरकार यह योजना स्वास्थ्य सेवाओं को मौलिक अधिकार बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।पहले जहां गरीब परिवार बिना इलाज के ही दम तोड़ देता था,वहीं अब उसे मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से फ्री में गुणवत्तापूर्ण इलाज मिलता है।यही कारण है कि,इस योजना ने लाखों परिवारों को नया जीवन दिया है।मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना न केवल चिकित्सा उपलब्ध करती है।बल्कि गरीब परिवारों को एक सुरक्षा कवच भी देती है।
सीएम योगी के कुशल नेतृत्व की ही देन है कि,मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना उत्तर प्रदेश को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की ओर अग्रसर है।सरकार की दूर दृष्टि का ही नतीजा है कि, आज ये योजना कस्बों से लेकर छोटे-छोटे गांवों तक पहुंच रही है।योगी जी के नेतृत्व में हर पात्र शख्स को योजना का लाभ मिले,यही सरकार का संकल्प है।
