jaat arakshan rajasthan- जाट आरक्षण की मांग एक बार फिर तेज होती नजर आ रही है, आरक्षण की मांग को लेकर भरतपुर में बड़ी हुंकार रैली का आयोजन हो रहा है और जाट समाज एक बार फिर आंदोलन की राह पर है, भरतपुर, डीग और धौलपुर के जाट बड़ी संख्या में भरतपुर के नुमाइश मैदान में जुटे हैं , और आरक्षण की मांग को बुलंद किया है…जाटों को कांग्रेस और RLP पार्टी से भी समर्थन मिल रहा है, जाट समाज ने ऐलान किया है कि आरक्षण उनका हक है और अबकी बार वो सिर्फ वादों पर मानने के मूड में बिल्कुल नहीं हैं…अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो ये आंदोलन दिल्ली का रूख भी कर सकता है… जाट आरक्षण की मांग एक बार फिर तूल पकड़ रही है, आरक्षण की मांग को लेकर भरतपुर में बड़ी हुंकार रैली का आयोजन जाट समाज की ओर से किया जा रहा है, भरतपुर धौलपुर और डीग जिले के जाट समाज को केंद्र की ओबीसी सूची में आरक्षण दिलाने की मांग को लेकर लाखों की संख्या में जाट समाज को लोग भरतपुर में जुटे हैं…अबकी बार जाट समाज आर पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहा है…
हनुमान बेनीवाल का मिला समर्थन
रैली को RLP नेता हनुमान बेनीवाल का भी समर्थन मिला है…बेनीवाल अपने समर्थकों के साथ हुंकार रैली में शामिल होने पहुंचे और केंद्र और राज्य सरकार को जमकर घेरा है… मीडिया से बात करते हुए सांसद बेनीवाल ने कहा कि- आरक्षण जाट समाज का अधिकार है और इस अधिकार की लड़ाई में पूरे राजस्थान का जाट समाज इन तीनों जिलों के समाज के साथ खड़ा है…बेनीवाल ने कहा कि हरियाणा, पंजाब सहित कई राज्यों के जाट समाज भी केंद्र में ओबीसी आरक्षण की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार गंभीरता नहीं दिखा रही है।
आपको बता दें दरअसल-
क्या है जाट आरक्षण का पेंच?
साल 1998 में राजस्थान में जाट समुदाय को आरक्षण मिला था
भरतपुर और धौलपुर क्षेत्र के जाटों को इससे वंचित रखा गया
वर्ष 2000 में कांग्रेस सरकार के दौरान राज्य स्तर पर आरक्षण का लाभ मिला
लेकिन केंद्र स्तर पर आरक्षण का मुद्दा लंबे समय तक अधूरा रहा
2014 में राज्य और केंद्र स्तर पर आरक्षण संबंधी व्यवस्था खत्म हो गई
बाद में साल 2017 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की सरकार ने राज्य स्तर पर आरक्षण बहाल किया
लेकिन केंद्रीय ओबीसी आरक्षण का मुद्दा अब भी लंबित है
भरतपुर से कांग्रेस सांसद संजना जाटव ने भी हुंकार रैली में पहुंचकर समर्थन दिया उन्होंने मंच से कहा कि जाटों को आरक्षण दिया जाना चाहिए ये उनका अधिकार है,बहरहाल जाट आरक्षण का जिन्न एक बार फिर बोतल से बाहर आ गया है, जाट समाज ने आरक्षण की मांग को लेकर इस बार आर पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है ऐसे में देखना होगा कि आगे आंदोलन और कितना आक्रामक रुख अपनाता है या फिर राज्य सरकार इस मामले को लेकर कोई हल निकालने में कामयाब हो पाती है या नहीं …
