China controversy ।2027 में चीन कुछ बड़ा करने वाला है. अभी तो वो मिडिल ईस्ट में शांति की बात कर रहा है, ईरान के साथ हुई डील को अच्छी डेवेलपमेंट बता रहा है. लेकिन खुद उसके मिलिट्री खेमे में बड़े जंग की तैयारी चल रही है. चीन के इस प्लान की भनक हिंद प्रशांत क्षेत्र में तैनात अमेरिकी एडमिरल को लगी है. अमेरिकी नौसेना के इस एडमिरल को चीन के प्लान के बारे में जानकारी इतनी खतरनाक लगी, कि उसने अमेरिकी संसद को भी अलर्ट कर दिया है. क्या है, चीन का वो 2027 वाला प्लान, समझिए इस रिपोर्ट में।
दुनिया के एक हिस्से से जंग का मोर्चा अभी शांत भी नहीं हुआ, कि दूसरा मोर्चा ताइवान के समुद्री क्षेत्र में खुलने को तैयार है. बल्कि यूं कहिए, चीन ने ताइवान के लिए युद्ध मोर्चे की तैयारी पूरी कर ली है…
चीन ये काम गुपचुप तरीके से कर रहा है, लेकिन अमेरिकी मिलिट्री इंटेलिजेंस को इस बात की पक्की खबर मिल चुकी है. ताइवान के खिलाफ चीन की सैन्य तैयारियों को लेकर अमेरिका के इंडो पैसिफिक क्षेत्र के कमांडर सैम पपारो ने बड़ी चेतावनी दी है।
क्या है चीन का प्लान 2027?
अमेरिकी कमांडर ने कहा कि चीन बहुत ही आक्रामक तरीके से सैन्यक आधुनिकीकरण कर रहा है, क्षेत्रीय विस्तार कर रहा है और रूस तथा उत्तर कोरिया के साथ अपने रिश्ते मजबूत कर रहा है। इससे तेजी से बढ़ते जटिल सुरक्षा माहौल में चुनौतियां बढ़ती जा रही हैं।
चीन पर अमेरिकी संसद को अलर्ट
चीनी सेना पीएलए सभी तरह की सेनाओं का ‘ऐतिहासिक विस्ताअर’ कर रही है। चीनी सेना के दो मुख्य् मिशन हैं- पहला ताइवान पर कब्जा करना और अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की रक्षा क्षमता का जवाब देना। अमेरिकी सेना को तुरंत नए हथियारों और क्षमता की जरूरत है जिससे संघर्ष को रोका जा सके।
एडमिरल सैम पपारो का ये भी दावा है, कि चीनी सेना को इस प्लान का ऑर्डर खुद राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दिया है, कि वो साल 2027 तक कब्जे के लिए तैयार रहे। चीन के इस प्लान को रोकने के लिए अमेरिकी कमांडर ने पैसिफिक रीजन में तैनात अमेरिकन नेवी का बजट दोगुना करने की सिफारिश की है…
चीन से निपटना है, तो बजट बढ़ाओ
सैम पपारों ने अमेरिकी संसद से बजट 67.4 अरब डॉलर की जगह 122 अरब डॉलर मांगे हैं।इसमें मिसाइलों के साथ 18 अरब डॉलर चीनी मिलिट्री के कंट्रोल सिस्टम और 15 अरब डॉलर स्पेदस आधारित मिसाइल वार्निंग सिस्टाम और जंगी क्षेत्र के सर्विलांस सेंसर और 2.3 अरब डॉलर का बजट शामिल है।
अमेरिकी कमांडर का यह स्वतंत्र सैन्य आकलन प्रशांत क्षेत्र में प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने के लिए है। इंडो पैसिफिक कमांड या पेंटागन दोनों ने इस रिपोर्ट को जारी नहीं किया है, लेकिन कमांडर की रिपोर्ट को अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने गंभीरता से लिया है।
