kanya Sumangala yojana- से बदल रहा बेटियों का भविष्य

उत्तर प्रदेश में कन्या सुमंगला योजना बदल रही है बेटियों का भविष्य

लखनऊ-योगी सरकार की kanya Sumangala yojana से आज उत्तर प्रदेश में लाखों बेटियों का भविष्य उज्ज्वल हो रहा है। या यूं कहें कि सीएम योगी की ये  योजना सूबे की बेटियों के सुनहरे भविष्य की गारंटी बन चुकी है। सीएम योगी के नेतृत्व में शुरू की गई इस योजना ने न केवल कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक कुरीतियों को रोकने का काम किया है,बल्कि इससे सूबे में बेटियों के लिंगानुपात में भी सुधार हुआ है। साथ ही इस योजना के जरिये बाल विवाह पर जहां काफी हद तक रोक लग गई है…वहीं बेटियों की शिक्षा और स्वास्थ्य में भी बहुत सुधार हुआ है। बता दें कि,25 अक्टूबर 2019 को सीएम योगी, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और तत्कालीन केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की मौजूदगी में kanya Sumangala yojana का श्रीगणेश किया गया था। जब ये योजना शुरू की गई, तो इसका मुख्य मकसद बेटियों को लेकर पॉजिटिव सोच विकसित करना था।साथ बच्चियों के जन्म से लेकर उन्हें उच्च शिक्षा तक पहुंचाने के लिए आर्थिक मदद प्रदान करना था। इसमें दो राय नहीं कि, अपनी इस योजना के जरिये योगी सरकार सभी उद्देश्यों को हासिल कर रही है।

kanya Sumangala yojana की सफलता को देखते हुए ही योगी सरकार ने इसकी राशि में इजाफा कर दिया था…पहले जहां इस योजना में 15000 हजार रुपये दिये जाते थे वहीं 2024-25 में इसे बढ़ाकर 25,000 कर दिया गया। सरकार की ये सहायता राशि सीधे बच्ची की माता या बच्ची के आधार लिंक्ड बैंक खाते में डीबीटी के जरिये ट्रांसफर की जाती है। जिससे की इसकी पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके,और लाभार्थी परिवार को तत्काल सहायता मिल सके।

इस योजना में 6 चरणों में राशि किस्तों के रूप में  दी जाती है

पहला चरण (बेटी के जन्म पर)- बेटी के जन्म पर 2,000रुपये की एकमुश्त राशि। (1 अप्रैल 2019 या उसके बाद)

दूसरा चरण (बेटी का टीकाकरण)-बेटी के जन्म के एक साल के अंदर टीकाकरण पूरा होने पर 2,000रूपया।

तीसरा चरण (बेटी का क्लॉस वन में दाखिला)- पहली क्लॉस में एडमिशन लेने पर 3,000रुपया।

चौथा चरण (बेटी का क्लॉस 6 में प्रवेश)-  छठवीं क्लॉस में दाखिला लेने पर 3,000 रुपया।

पांचवां चरण (बेटी का क्लॉस 9 में एडमिशन)- 9वीं क्लॉस में दाखिला लेने पर 5,000 रुपये।

छठवां चरण (उच्च शिक्षा )- दसवीं या बारहवीं पास करने के बाद स्नातक डिग्री या कम से कम दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स में एडमिशन पर 7,000 रुपये।

समय-समय पर बेटियों को मिलने वाली यह राशि जहां उनके लिंगानुपात को बढ़ाती है,वहीं दूसरी ओर उनकी शिक्षा को भी प्रोत्साहित करती है

योजना का लाभ पाने की शर्तें

kanya Sumangala yojana का लाभ पाने के लिए निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना जरूरी है-

बच्ची का परिवार मूल रूप से यूपी यानि उत्तर प्रदेश का रहने वाला हो।

बच्ची के परिवार की सालाना आय 3लाख से कम हो।

एक ही परिवार की केवल दो बेटियों ही योजना के लाभ की पात्र।

परिवार में दो बच्चों से ज्यादा बच्चे न हों(कुछ विशेष प्रावधानों के साथ)।

जुड़वा या गोद ली गई बेटी के संबंध में विशेष छूट

कौन-कौन से जरूरी दस्तावेज चाहिए-

बच्ची के माता-पिता का आधार कार्ड।

निवास प्रमाण पत्र,आय प्रमाण पत्र।

बैंक खाते का विवरण,जन्म प्रमाण पत्र।

कैसे करें आवेदन-

बच्ची के माता-पिता का आधार कार्ड,निवास प्रमाण पत्र(राशन कार्ड,वोटर आईडी),आय प्रमाण पत्र,बैंक खाते का विवरण,जन्म प्रमाण पत्र के साथ आधिकारिक वेबसाइट- https://mksy.up.gov.in पर जाकर नागरिक सेवा पोर्टल के जरिये रिजस्ट्रेशन किया जा सकता है।

योजना से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए mksy.up.gov.in या जिला महिला कल्याण कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

आवेदन के बाद सभी दस्तावेजों की जांच होती है,जिसके सही पाए जाने पर राशि खाते में सीधे ट्रांसफर कर दी जाती है।राशि आपके खाते में डाली गई या नहीं इसे पोर्टल के जरिये चेक भी किया जा सकता है।

योजना से लाभ

kanya Sumangala yojana से 2026 तक प्रदेश की 26 लाख से अधिक बेटियों को लाभ हुआ है। महिला और बाल विकास विभाग के मुताबिक हजारों करोड़ रुपये बेटियों के लिए उनके खाते में पहुंचाई जा चुकी है।2026-27 के बजट में महिला और बाल विकास विभाग के लिए 18,620 करोड़ रुपये आवंटित किये गए हैं, जिसमें कन्या सुमंगला योजना के लिए भी सैकड़ों करोड़ रुपये शामिल हैं।

योजना का सामाजिक प्रभाव क्या हो रहा है-

लिंगानुपात में व्यापक सुधार हुआ है।

बाल विवाह में काफी कमी आई है।

बेटियों के स्कूल ड्रॉपआउट में सुधार हुआ है।

बेटियों की शिक्षा को लेकर परिवार में जागरूता आई है।

आर्थिक सहायता से गरीब बेटियों को भी उच्च शिक्षा का मौका मिल पा रहा है।

महिला कल्याण विभाग की माने तो योजना न केवल बेटियों को आर्थिक सहायता दे रही है..बल्कि उनके जन्म को उत्सव के रूप में मनाने की संस्कृति को बढ़ावा भी दे रही है। सीएम आदित्यनाथ कई बार कह चुके हैं कि, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ केवल एक नारा नहीं,बल्कि एक संकल्प है।kanya Sumangala yojana इसी संकल्प का एक व्यवहारिक रूप है।इसी का नतीजा है कि,मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना उत्तर प्रदेश में बेटियों के विकास में एक मील का पत्थर साबित हो रही है। सीएम योगी की इस पहल से उत्तर प्रदेश में न केवल लाखों बेटियों का भविष्य संवर रहा है,बल्कि समाज में भी एक बड़ा बदलाव आ रहा है।

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