Samuhik Vivah Yojana 2026: 9 सालों में 5.54 लाख से अधिक बेटियों के हाथ हुए पीले
लखनऊ।Samuhik Vivah Yojana 2026।सीएम योगी ने जब से यूपी की बागडोर संभाली,बेटियों को बड़ा दर्जा दिया।उनका पांव पूजन किया और उनकी आरती उतारी।इसी कड़ी में उन्होंने गरीब बेटियों की शादी का जिम्मा भी अपने कंधों पर उठाया।गरीब परिवारों की बेटियों की घर से सम्मानजक विदाई के लिए ही यूपी सरकार ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना(Samuhik Vivah Yojana 2026)शुरू की।योगी सरकार की ये योजना विभिन्न धर्मों और समुदायों की बेटियों की शादी का पूरा खर्च वहन करती है।
दरअसल यूपी के आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के लिए योगी सरकार की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रही है।2026 के बजट में सरकार ने इस मद में दी जाने वाली राशि को दोगुना कर दिया है।अब 51,000 हजार के बजाए सरकार एक लाख रुपये दे रही है।समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित इस योजना से गरीब माता-पिता का बोझ कम हुआ है।
9 साल के 5.54 लाख से अधिक विवाह संपन्न
हाल में जारी आंकड़ों के मुताबिक,योगी सरकार के पिछले 9 सालों के कार्यकाल में इस योजना के जरिये सूबे में 5,54,202 गरीब बेटियों की धूमधाम से शादी कराई जा चुकी है।योगी सरकार की यह योजना बिना किसी जाति या धर्म के पूरी तरह से पात्रता के आधार पर चलाई जा रही है।
OBC वर्ग में शादियां- अकेले ओबीसी यानि अन्य पिछड़ा वर्ग के 1,80,017 जोड़ों की शादी इस योजना के माध्यम से कराई जा चुकी है।अगल बात करें 2025-26 की तो अब तक 26,286 OBC जोड़े इस योजना के जरिये अपना नया जीवन शुरू कर चुके हैं।
समाज के सभी वर्गों को लाभ- अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति और सामान्य वर्ग के अल्पसंख्यक समुदाय के लाखों गरीब परिवार भी इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं।
1 लाख का बजट, कहां और कैसे होता है खर्च?
नए नियमों के मुताबिक, अब प्रति जोड़ा 1,00,000 का खर्च राज्य सरकार के जरिये वहन किया जा रहा है,जिसे 3 हिस्सों में बांटा गया है-
सीधे बेटी के खाते में- नवविवाहित वधू यानि दुल्हन के बैंक खाते में सीधे 60,000 रुपये ट्रांसफर किए जाते हैं,जिससे वह अपनी गृहस्थी की शुरुआत कर सके।
घरेलू उपहार सामग्री- जोड़ों को गृहस्थी बसाने के लिए 25,000 रुपये का सामान उपहार में दिया जाता है। इसमें चांदी की पायल-बिछिया, कपड़े, बर्तन, ट्रॉली बैग, वैनिटी किट, सीलिंग फैन, आयरन प्रेस, गद्दे, कंबल और बेडशीट जैसी ज़रूरी चीजें शामिल हैं।
आयोजन और खान-पान का खर्च- विवाह समारोह का भव्य आयोजन जैसे- टेंट, पंडाल, बारातियों और मेहमानों के खाने के लिए प्रति जोड़ा 15,000 रुपये प्रशासनिक स्तर पर खर्च किए जाते हैं।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के लिए नई पात्रता और शर्तें
यदि आप भी साल 2026 में अपनी बेटी के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो इन शर्तों को पूरा करना जरूरी है-
निवास- वर और वधू दोनों परिवारों को यूपी यानि उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए।
आय सीमा- जिन परिवारों की आय 3 लाख रुपये से कम है,उन्हें ही इस योजना का लाभ मिलता है।
आयु सीमा- शादी की तारीख पर लड़की को कम से कम 18 साल और लड़के को कम से कम 21 साल का होना अनिवार्य है।
पुनर्विवाह भी शामिल– मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत निराश्रित विधवा,तलाकशुदा महिलाओं के पुनर्विवाह को भी प्राथमिकता दी जाती है.
विशेष प्राथमिकता- दिव्यांग माता-पिता की बेटियों, निराश्रित लड़कियों और खुद दिव्यांग आवेदकों को इसमें पहली प्राथमिकता मिलती है।
कैसे करें आवेदन…?
ऑनलाइन आवेदन की सरल प्रक्रिया
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का लाभ लेने के लिए बिचौलियों के चक्कर काटने की ज़रूरत नहीं होती है। योगी सरकार ने पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बना दिया है-
आधिकारिक पोर्टल पर जाएं-
सबसे पहले योजना की आधिकारिक वेबसाइट https://cmsvy.upsdc.gov.in पर
जाएं और नया पंजीकरण क्लिक करें।
दस्तावेज़ अपलोड करें
आवेदन फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारियां भरें। इसके साथ ही लड़के-लड़की की लेटेस्ट फोटो, आधार कार्ड या वोटर आईडी, आयु प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्र की स्कैन कॉपी अपलोड करें। दुल्हन यानि लड़की का बैंक पासबुक अपलोड करना जरूरी है।
सत्यापन प्रक्रिया
फॉर्म सबमिट होने जाने के बाद ब्लॉक स्तर पर बीडीओ (BDO), नगर पालिका स्तर पर ईओ (EO) या नगर निगम स्तर के अधिकारियों द्वारा भौतिक सत्यापन (Physical Verification) किया जाता है।
सामूहिक विवाह समारोह
सत्यापन सही पाए जाने के बाद, जिला प्रशासन द्वारा तय की गई तारीख, पर सामूहिक विवाह का आयोजन किया जाता है। इसी समारोह में जोड़े को उपहार और बैंक खाते में राशि ट्रांसफर कर दी जाती है।
योजना का उद्देश्य
गरीब परिवारों पर विवाह के बोझ को कम करना
दहेज प्रथा जैसी कुरीति को खत्म करना
विभिन्न धर्म-समुदायों के बीच सामाजिक सद्भाव और समरसता बढ़ाना
बेटियों के विवाह को सरल और गरिमापूर्ण बनाना
