US-Iran War बड़े हमले की तैयारी में अमेरिका, ईरान ने भी भरी हुंकार

एजेंसी: ईरान-अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजरा आ रहा है. पश्चिम एशिया क्षेत्र में एक बार फिर युद्ध की आग भड़क सकती है. इस बार संघर्ष की बड़ी वजह हूती विद्रोहियों का सउदी अरब को निशाना बनाना है. ये बात साफ है कि, अमेरिकी सैन्य अड्डे इसी इलाके में हैं. वहीं, अमेरिका ने हालात को देखते हुए अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा एजवाइजरी भी जारी की है. वहीं, दूसरी तरफ ईरान ने दावा किया है कि, अमेरिका उस पर बड़े हमले की तैयारी कर रहा है. इसी बीच न्यूयॉर्क में इस सप्ताह होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा से पहले वाशिंगटन के अगले कदम को लेकर भी अनिश्चितता बढ़ गई है.

अमेरिकी नागरिकों को ईरान छोड़ने की सलाह

युद्ध की आशंकाओं के बीच ईरान में रह रहे अमेरिकी नागरिकों को देश छोड़ने की एडवाइजरी जारी की गई है. ईरान स्थित अमेरिकी वर्चुअल दूतावास ने सोमवार को सुरक्षा अलर्ट जारी किया. यही नहीं, अमेरिकी नागरिकों को किसी भी वजह से ईरान की यात्रा न करने की सलाह दी गई है.

इससे पहले जारी अलर्ट में अमेरिका ने कहा कि मध्य पूर्व में तनाव के कारण सुरक्षा स्थिति गंभीर बनी हुई है और अचानक हालात बिगड़ने की आशंका है. अमेरिकियों को सतर्क रहने और संभावित उड़ान रद्द होने, हवाई क्षेत्र बंद होने और यात्रा में रुकावट के लिए तैयार रहने को कहा गया है.

छट्टी रद्द कर वापस लौटे ट्रंप

इस बीच कैंप डेविड में छुट्टी मना रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रविवार को अचानक वापस आ गये. हालांकि इसकी कोई ठोस वजह सामने नहीं आई है. इसी दौरान अमेरिकी विदेश विभाग ने पश्चिम एशिया में अमेरिकी नागरिकों के लिए नया सुरक्षा अलर्ट जारी किया.

ट्रंप ने न्यूज चैनल के एक पत्रकार से कहा कि निकट भविष्य में “बहुत बड़ी चीजें होने वाली हैं.”   इस बान से कयास लगाये जा रहे हैं कि, ईरान को लेकर वे कोई बड़ा कदम उठा सकते हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को लेकर तीन विकल्प बताए और कहा कि, ईरान को पूरी तरह खत्म करना, उसकी अर्थव्यवस्था को कमजोर होने देना या समझौता करना.

ईरान ने भी भरी हुंकार

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स IRGC ने चेतावनी दी है कि, अगर अमेरिका ने हमला किया तो क्षेत्र में अमेरिकी हितों के खिलाफ लगातार जवाबी कार्रवाई की जाएगी. IRGC ने कहा कि क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी ठिकाने और हित लगातार, प्रभावी और नुकसान पहुंचाने वाले हमलों का निशाना बनेंगे. ईरान ने सेना को हाई अलर्ट पर रखा है.

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