PM Kisan Yojna: इस दिन जारी हो सकती है किसान सम्मान निधि की किस्त, आया बड़ा अपडेट

नई दिल्ली:   देश के तमाम किसानों के लिए अच्छी खबर है. केंद्र की मोदी सरकार ने किसान सम्मान निधि (Kisan samman Nidhi) की अगली किस्त जारी करने की तैयारी कर ली है. किसानों को 24वीं किस्त का इंतजार लंबे समय से था. सूत्रों की माने तो, यह किस्त अक्टूबर में दीवाली से पहले जारी हो सकती है. आपको बता दैं कि, पिछले साल 2025 में 19 नवबंर को पीएम किसान सम्मान निधि की दूसरी किस्त जारी की गई थी. इससे पहले 2024 में 5 अक्टूबर को भी सरकार ने किस्त जारी की थी.

e-KYC जरूरी अन्यथा नहीं मिलेगी किस्त!

किसानो के लिए ये भी जानना जरूरी है कि, किन किसानों के खाते में ये पैसा नहीं आएग. पीएम किसान योजना की इस किस्त का फायदा उन किसानों को नहीं मिलेगा जिन्होंने e-KYC नहीं करवाई है. सरकार के सूत्रों के मुताबिक, इसका फायदा उठाने के लिए आपको ई-केवाईसी कराना जरूरी है. इसके अलावा बैंक अकाउंट का आधार से लिंक होना भी जरूरी है. वहीं, आपने ये काम पूरे नहीं किए तो पीएम किसान योजना की 24वीं किस्त आपके खाते में नहीं आएगी.

गौरतलब है कि, पीएम किसान योजना  के जरिए हर चार महीने पर 2000 रुपये की किस्त दी जाती है और एक साल में किसानों को 6000 रुपये दिए जाते हैं. जानकारी की मुताबिक, केंद्र नवरात्रि या फिर दिवाली से पहले भी इस योजना की अगली किस्त जारी कर सकती है. लेकिन योजना की अगली किस्त पर फिलहाल कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.

नये आवेदकों के लिए निर्देश

अगर किसी किसान ने पीएम किसान योजना में पहली बार रजिस्ट्रेशन कराया है तो ऐसे में आपको फार्मर आईडी बनवाना बहुत जरूरी है. कृषि विभाग के मुताबिक, नए आवेदकों के लिए डिजिटल पहचान पत्र अनिवार्य है. नए किसानों के लिए पोर्टल पर फार्मर आईडी दर्ज किए बिना आवेदन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी. इस आईडी में किसानों की आधार संख्या, मोबाइल नंबर और कृषि योग्य जमीन की सारी जानकारी पूरी तरह से डिजिटल रूप से सेव हो जाती है. नया फॉर्म भरने से पहले आप नजदीकी सीएससी सेंटर या राज्य के कृषि पोर्टल पर जाकर इस आईडी को बनवा सकते हैं.

अस्थाई फार्मर आईडी

यही नहीं. ऐसे किसान जिनके नाम जमीन नहीं है और वे बटाई या पट्टे पर खेत लेकर खेती करते हैं, उनके लिए भी सरकार अस्थायी फार्मर आईडी देने की तैयारी कर रही है. हालांकि, मौजूदा नियमों के मुताबिक पीएम किसान सम्मान निधि का पैसा जमीन के रजिस्टर्ड मालिकों को ही मिलता है.

सबसे ज़्यादा पढ़े गए