India-Russia Relations: जयशंकर ने सांसदों को दी जानकारी, व्यापार से लेकर रूस में भारतीयों के मुद्दे पर चर्चा

India-Russia Relations: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को भारत-रूस संबंधों पर विदेश मंत्रालय की संसदीय सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में दोनों देशों के बीच सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों के साथ-साथ यूक्रेन संघर्ष और रूस में रह रहे भारतीय नागरिकों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। जयशंकर ने बैठक में व्यापार, निवेश, ऊर्जा, कनेक्टिविटी, संस्कृति और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में भारत-रूस सहयोग की जानकारी साझा की।

बैठक में यूक्रेन संघर्ष के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति के जरिए आगे बढ़ने के भारत के रुख पर भी चर्चा हुई।

रूस को भारतीय निर्यात बढ़ाने पर जोर

भारत और रूस के बीच व्यापार को अधिक संतुलित बनाने के लिए भारतीय उत्पादों के रूस तक निर्यात को बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। इसमें ऑटोमोबाइल, फार्मा, खाद्य उत्पाद, समुद्री उत्पाद, इंजीनियरिंग सामान, केमिकल्स और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्र शामिल हैं।इसके साथ ही भारत और यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन के बीच प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर भी चर्चा हुई।

कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट पर भी फोकस

भारत-रूस व्यापार को बढ़ाने के लिए कनेक्टिविटी को भी अहम माना गया। बैठक में चेन्नई-व्लादिवोस्तोक कॉरिडोर, इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर (INSTC) और नॉर्दर्न सी रूट जैसे विकल्पों पर चर्चा हुई।भारत की ओर से सप्लाई चेन को मजबूत रखने और अलग-अलग स्रोतों के जरिए जरूरतों को पूरा करने की रणनीति पर भी जोर दिया गया।

रूस में भारतीय कामगारों का मुद्दा

बैठक में रूस में काम कर रहे और वहां जाने वाले भारतीय नागरिकों से जुड़े मुद्दे भी सामने आए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार रूस में भारतीय श्रमिकों की संख्या तेजी से बढ़ी है। भारत के सेंट पीटर्सबर्ग स्थित वाणिज्य दूतावास के अनुसार, 2025 में 60 हजार से ज्यादा भारतीय कामगार रूस पहुंचे थे और वार्षिक कोटा बढ़ाकर करीब 72 हजार किया गया था। रूस में भारतीय कामगारों की संख्या और बढ़ाने से जुड़े समझौते तथा वहां श्रम की जरूरत को लेकर भी दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ रहा है।

रूसी सेना में भारतीय नागरिकों को लेकर बातचीत

बैठक में रूसी सेना से जुड़े भारतीय नागरिकों का मुद्दा भी उठाया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, भारत ने रूस के सामने ऐसे भारतीय नागरिकों की स्थिति स्पष्ट करने और उनकी रिहाई का मुद्दा उठाया है। हालिया जानकारी के अनुसार करीब 140 भारतीय नागरिकों को रूसी सैन्य सेवा से डिस्चार्ज कराया जा चुका है, जबकि लगभग 55 अन्य भारतीय नागरिकों की स्थिति को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है।

एजेंटों के खिलाफ

भारत ने उन एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई की बात भी कही है, जो भारतीय नागरिकों को गलत जानकारी देकर रूस भेजने या रूसी सेना में भर्ती कराने से जुड़े मामलों में शामिल हैं। विदेश मंत्रालय ने हाल में रूस की यात्रा करने वाले भारतीयों को वहां की सैन्य सेवाओं में भर्ती के जोखिम को लेकर एडवाइजरी भी जारी की थी।

यूक्रेन संघर्ष पर भारत का रुख

बैठक में रूस-यूक्रेन संघर्ष और इसे खत्म करने के लिए भारत की कूटनीतिक कोशिशों पर भी चर्चा हुई। जयशंकर ने कहा कि भारत संवाद और कूटनीति के जरिए संघर्ष के समाधान का समर्थन करता है।भारत लगातार दोनों पक्षों के संपर्क में रहने और शांति की दिशा में किसी भी उपयोगी पहल में सहयोग देने की बात करता रहा है। बैठक में भारत-रूस संबंधों के साथ बदलते वैश्विक माहौल में दोनों देशों के बीच सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर भी विचार किया गया।

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