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किसानों के लिए बड़ी खबर! आंध्र प्रदेश में बनेगा 1 लाख करोड़ का Global Horticulture Hub, 9.6 लाख किसानों को होगा फायदा

नई दिल्ली: आंध्र प्रदेश के रायालसीमा क्षेत्र में बागवानी और कृषि को नई दिशा देने के लिए बड़ा प्रोजेक्ट शुरू होने जा रहा है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण शुक्रवार (2 अक्टूबर) को मदनपल्ले में Global Horticulture Hub की शुरुआत करेंगे।

सरकार के मुताबिक, इस महत्वाकांक्षी परियोजना को तीन चरणों में विकसित किया जाएगा और इसमें करीब 1 लाख करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इसमें केंद्र/राज्य सरकार की ओर से 40,352 करोड़ रुपये लगाए जाएंगे, जबकि करीब 60,000 करोड़ रुपये का निजी निवेश जुटाने का लक्ष्य रखा गया है।

10 जिलों के 5,869 गांवों में होगा काम

Global Horticulture Hub के तहत आंध्र प्रदेश के अनंतपुर, अन्नमय्या, चित्तूर, कुरनूल, नंद्याल, श्री सत्य साईं, तिरुपति, कडपा, प्रकाशम और मार्कापुरम जिलों को शामिल किया गया है।
सरकारी योजना के अनुसार, इन 10 जिलों के 303 मंडलों और 5,869 गांवों में कुल 201 क्लस्टर विकसित किए जाएंगे। इसका मकसद बागवानी उत्पादन बढ़ाने के साथ ग्रामीण इलाकों में सिंचाई, सड़क और लॉजिस्टिक्स जैसी सुविधाओं को मजबूत करना है।

8.41 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 14.41 लाख हेक्टेयर होगा क्षेत्र

फिलहाल इन क्षेत्रों में करीब 8.41 लाख हेक्टेयर जमीन पर बागवानी की जाती है। परियोजना के तहत इसमें अतिरिक्त 6 लाख हेक्टेयर क्षेत्र जोड़ा जाएगा। इसके बाद कुल बागवानी क्षेत्र बढ़कर 14.41 लाख हेक्टेयर हो जाएगा।
सरकार का लक्ष्य बागवानी उत्पादन को मौजूदा 222 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 435 लाख मीट्रिक टन करने का है। इससे करीब 9.6 लाख किसानों को सीधे लाभ पहुंचने की उम्मीद है।

सिंचाई और सड़कों पर भी होगा बड़ा निवेश

  • 20,884 करोड़ रुपये सिंचाई परियोजनाओं पर खर्च होंगे
  • 15,000 करोड़ रुपये हॉर्टिकल्चर डेवलपमेंट के लिए दिए जाएंगे।
  • 4,562 करोड़ रुपये सड़क और कनेक्टिविटी के विकास पर खर्च होंगे।
  • इसके अलावा बड़े सिंचाई प्रोजेक्ट, ड्रिप इरिगेशन सिस्टम, सड़क नेटवर्क और कृषि उत्पादों की ढुलाई के लिए लॉजिस्टिक्स सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

आम, केला, टमाटर और ड्रैगन फ्रूट पर खास फोकस

Global Horticulture Hub के जरिए रायालसीमा क्षेत्र को देश का ‘Fruit Bowl’ बनाने की योजना है। इसके तहत आम, केला, टमाटर, अनार, ड्रैगन फ्रूट, एवोकाडो और बेरीज जैसी फसलों को बढ़ावा दिया जाएगा।
सरकार निजी क्षेत्र को फूड प्रोसेसिंग प्लांट और एक्सपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश के लिए प्रोत्साहित करेगी। इसका उद्देश्य किसानों की उपज में वैल्यू एडिशन करना और उन्हें बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है।

किसानों के लिए बनेगा Indian School of Agriculture

मदनपल्ले में इसी कार्यक्रम के दौरान Indian School of Agriculture की आधारशिला भी रखी जाएगी। इसे Indian School of Business (ISB) की तर्ज पर विकसित करने की योजना है।
इस संस्थान में कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, रिसर्च और इनोवेशन पर फोकस किया जाएगा। किसानों को खेती से जुड़ी नई तकनीकों और बाजार आधारित समाधानों की जानकारी देने की योजना है।

Reliance भी करेगी सहयोग

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की पहल पर Reliance ने राज्य सरकार के साथ मिलकर Indian School of Agriculture की स्थापना और संचालन में सहयोग करने की इच्छा जताई है।
संस्थान में डिजिटल एग्रीकल्चर, प्रिसीजन फार्मिंग, फसल मॉनिटरिंग, स्मार्ट इरिगेशन और मार्केट इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों पर काम किया जाएगा। इसका उद्देश्य किसानों की उत्पादकता बढ़ाने के साथ खेती को ज्यादा टिकाऊ और बाजार-केंद्रित बनाना है।

‘Rayalaseema Rising’ के तहत बड़ा कदम

Global Horticulture Hub को आंध्र प्रदेश सरकार की ‘Rayalaseema Rising’ पहल का हिस्सा बताया गया है। परियोजना के जरिए क्षेत्र में बागवानी को बढ़ावा देने, ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और रोजगार व आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर पैदा करने की योजना है। अगर प्रस्तावित निवेश और विकास कार्य योजना के मुताबिक लागू होते हैं, तो इसका असर खेती से लेकर फूड प्रोसेसिंग, एक्सपोर्ट, सिंचाई, सड़क और लॉजिस्टिक्स तक कई क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है।

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