Pancard Clubs

पैनकार्ड क्लब्स पर ED का बड़ा एक्शन, 646 करोड़ की 211 संपत्तियां अटैच; 51 लाख निवेशकों से जुड़ा है मामला

नई दिल्ली: पैनकार्ड क्लब्स लिमिटेड (PCL) और उससे जुड़े लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने PMLA, 2002 के तहत करीब 646.58 करोड़ रुपये की 211 अचल संपत्तियां अटैच की हैं। इन संपत्तियों में कमर्शियल ऑफिस, लग्जरी होटल, रिसॉर्ट, कृषि भूमि और आवासीय संपत्तियां शामिल हैं।

ED के मुताबिक, ये संपत्तियां महाराष्ट्र, केरल, उत्तराखंड, गोवा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और दादरा एवं नगर हवेली में स्थित हैं। एजेंसी का कहना है कि ये संपत्तियां Pancard Clubs Ltd, Panoramic Universal Ltd, उनकी विभिन्न सहायक कंपनियों, परिवार के सदस्यों और कथित लाभार्थी मालिकों के नाम पर हैं।

51 लाख से ज्यादा निवेशकों को बनाया निशाना?

ED के मुताबिक, मुंबई पुलिस के दादर थाने में दर्ज FIR के आधार पर PMLA के तहत जांच शुरू हुई थी। बाद में मुंबई पुलिस की Economic Offences Wing (EOW) ने मामले में 13 दिसंबर 2021 को मुंबई की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। जांच के दौरान ED के मुंबई जोनल ऑफिस-I ने कथित तौर पर पाया कि मामले से जुड़े लोगों ने Panoramic Group के तहत 46 कॉरपोरेट संस्थाओं का नेटवर्क बनाया था।एजेंसी के अनुसार, इन कंपनियों ने ‘Sale of Room Nights’ और टाइमशेयर हॉलिडे मेंबरशिप के नाम पर कथित पोंजी स्कीम चलाईं। ED का दावा है कि इन योजनाओं के जरिए देशभर में 51 लाख से ज्यादा निवेशकों को अवास्तविक रिटर्न का वादा किया गया।

9,577 करोड़ रुपये जुटाने का ED का दावा

ED के अनुसार, Pancard Clubs Ltd ने 1997-98 से 2017-18 के बीच निवेशकों से कथित तौर पर 9,577 करोड़ रुपये जुटाए। एजेंसी के मुताबिक, इसमें से करीब 2,858 करोड़ रुपये निवेशकों को वापस किए गए, जबकि 2,332 करोड़ रुपये एजेंट कमीशन के तौर पर दिए गए। ED ने दावा किया कि इसके बाद करीब 4,387 करोड़ रुपये की रकम Proceeds of Crime के रूप में आरोपियों और प्रमुख लोगों के पास रही और कथित तौर पर डायवर्ट की गई

शेल कंपनियों के जरिए फंड की लेयरिंग का आरोप

जांच में ED ने आरोप लगाया कि कथित तौर पर जुटाई गई रकम को कई शेल और डमी कंपनियों के जरिए अलग-अलग स्तरों पर ट्रांसफर किया गया। एजेंसी ने Shagun Tradelinks Pvt Ltd समेत कई कंपनियों का नाम इस कथित फंड लेयरिंग के सिलसिले में लिया है। ED का कहना है कि संपत्तियों को अटैच करने की कार्रवाई का उद्देश्य कथित अपराध से अर्जित संपत्तियों को कानून के तहत सुरक्षित करना है।

किन संपत्तियों पर हुई कार्रवाई?

ED की कार्रवाई में कथित तौर पर शामिल संपत्तियों में कमर्शियल ऑफिस स्पेस, लग्जरी होटल, ऑपरेशनल रिसॉर्ट, कृषि भूमि, आवासीय संपत्तियां शामिल हैं। ये संपत्तियां कई राज्यों और केंद्रशासित क्षेत्रों में फैली हुई हैं।

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