नई दिल्ली डेस्क: Crime in Azamgarh आजमगढ़ में खौफनाक हत्याकांड को अंजाम देने वाले शख्स को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया है. अरविंद सिंह नाम के आरोपी ने अपनी पत्नी समेत दो पुजारियों की गोली मारकर हत्या कर दी थी. यही नहीं पुलिस से बचने के लिए अरविंद ने अपने बच्चों को बंधक बना लिया था. आरोपी पुलिस से बचकर भाग रहा था, इसी दौरान पुलिस से भिड़ंत में उसे गोली लग गई. पूरी घटना मंगलवार शाम की है.
पुलिस से बचने के लिए आरोपी ने अपने बेटे को ही बंधक बना लिया था, और अपने बेटे पर ही गोली चला दी, जिसकी वजह से बेटे की भी मौत हो गई. इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई.
पूर घटनाक्रम इस तरह से है Crime in Azamgarh
बता दें कि, मंगलवार 22 सितंबर की शाम को, जब अरविंद अपने घर पहुंचा था. उसकी पत्नी बबीता सिंह उस समय घर में पूजा-पाठ कर रही थी. इसके लिए दो पंडित 60 वर्षीय महेंद्र पाठक और 50 वर्षीय अखिलेश मिश्रा आए हुए थे. यह देखकर अरविंद का पारा चढ़ गया और वह अपनी पत्नी से बहस करने लगा. लड़ाई काफी बढ़ गई, इस बीच आरोपी अरविंद ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से अपनी पत्नी को गोली मार दी. इसके बाद दोनों पंडितों को भी गोली मार दी.
खुद को बचाने के लिए बच्चों का सहारा लिया
अरविंद के घर में उस वक्त उसके तीन बच्चे भी मौजूद थे. इस वारदात के बाद वह सभी बच्चों को लेकर एक कमरे में चला गया और दरवाजा बंद कर लिया. एडीजी नवीन अरोड़ा ने बताया कि, पुलिस ने आरोपी को समझाने की कोशिश की, लेकिन न तो वह बाहर आने को तैयार था, न ही बच्चों को छोड़ने को राजी था. सात घंटे तक लगातार बातचीत और कोशिशें करने के बाद सुबह तक रुकने का फैसला लिया गया. रातभर वहां पुलिस तैनात और चौकन्नी रही.
पुलिस पर की फायरिंग
एडीजी ने बताया कि बाहर तैयारी चल ही रही थी, उसी बीच अंदर से फायरिंग की आवाज आई. उसके बाद पुलिस के पास कोई विकल्प नहीं था, अंदर तीन बच्चे थे और उन्हें बचाना जरूरी था. तुरंत स्टन ग्रेनेड और टीयर ग्रेनेड का इस्तेमाल कर के और दरवाजा तोड़कर पुलिस की टीम अंदर गई. आरोपी ने पुलिस 4-5 फायर किए. उसके पास 6 राउंड की रिवॉल्वर थी, उसने सारी खाली कर दी. जवाबी कार्रावाई में पुलिस को भी गोली चलानी पड़ी. इस दौरान वह अपने बच्चों को ढाल बनाकर बचता रहा.
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