Assembly elections 2028: राहुल पढ़ाएंगे विचारधारा का पाठ
नव नियुक्त जिलाध्यक्षों के साथ कार्यकर्ताओं को देंगे विधानसभा 2028 की जीत का मंत्र…
Assembly elections 2028: कांग्रेस पार्टी के सबसे बड़े चेहरे राहुल गांधी छत्तीसगढ़ के पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को संगठन की विचारधारा का पाठ पढ़ाने वाले हैं…नव नियुक्त जिलाध्यक्षों समेत पार्टी के तमाम कार्यकर्ताओं को वो एकजुटता के साथ साल 2028 के विधानसभा चुनाव की तैयारी की सीख देंगे…कांग्रेस के आयोजित होने वाले प्रशिक्षण शिविर पर बीजेपी ने तंज कसा है…
छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव होने में अभी करीब ढाई साल का वक्त बचा है. लेकिन कांग्रेस ने इसको लेकर अभी से तैयारी शुरू कर दी है. पार्टी ने सबसे पहले अपने सभी मोहरों को दुरुस्त करने का प्लान बनाया है और पार्टी के नव-नियुक्त जिलाध्यक्षों और युवा नेताओं को कांग्रेस पहले पार्टी की विचारधारा का पाठ पढ़ाने जा रही है. पार्टी के सबसे बड़े चेहरे यानी राहुल गांधी अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को विचारधारा का पाठ पढ़ाएंगे. जिसको लेकर एक तरफ कांग्रेस तैयारी में जुटी है, तो दूसरी तरफ सत्ताधारी पार्टी बीजेपी पूछ रही है कि राहुल गांधी कौन सा पाठ पढ़ाएंगे…
2018 का इतिहास दोहराने की तैयारी में कांग्रेस
साल 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में प्रचंड जीत हासिल की थी…जिसमें भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव की युगलबंदी का अहम योगदान रहा, लेकिन सरकार बनने के बाद से ही दोनों के बीच खींचतान की ख़बरें आईं. जिसका खामियाजा साल 2023 के विधानसभा चुनाव में हार के रूप में देखने को मिला..
छत्तीसगढ़ में कैसे हारी कांग्रेस?
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2018 में कांग्रेस की बंपर जीत
2018 में 90 सीटों में से कांग्रेस 68, बीजेपी 15 सीटें जीती
2023 में 90 सीटों में से कांग्रेस 35, बीजेपी 54 सीटें जीती
भूपेश बघेल पर शराबबंदी वादे से मुकरने का आरोप लगा
विधानसभा चुनाव से ठीक पहले महादेव सट्टा ऐप घोटाला
शराब घोटाला, कोयला लेवी गबन के आरोपों से नुकसान
टीएस सिंहदेव के साथ खींचतान और गुटबाजी भारी पड़ी
सत्ता में वापसी कर पाएगी कांग्रेस!
कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ की सत्ता पर वापसी की तैयारी थोड़ा पहले शुरू कर दी है. जिसकी कई वजहें हैं. सबसे बड़ी वजह, पड़ोसी राज्य एमपी के मुकाबले छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को ज्यादा संभावनाएं दिखाई दे रही हैं. दूसरी तरफ पार्टी को गुटबाजी को लेकर गर्म चर्चाओं के बाज़ार को भी शांत करना है और सबसे बड़ी चुनौती भूपेश बघेल, टीएस सिंहदेव और दीपक बैज जैसे चेहरों को एक छतरी के नीचे लाकर एकजुट आगे बढ़ना है और पार्टी को भरोसा है कि राहुल गांधी ये काम कर सकते हैं.
