राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस पर फिर उठे सवाल, जयराम रमेश ने पूछा- जांच जल्द खत्म करने की इतनी जल्दी क्यों?

Ram Mandir Donation Theft Case: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर जांच पर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने जांच को लेकर कई सवाल उठाते हुए पूछा है कि मामले की जांच को जल्द खत्म करने की जरूरत क्यों महसूस की जा रही है।

जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट के जरिए दावा किया कि CCTV फुटेज में चढ़ावे की चोरी से जुड़ी 105 कथित घटनाएं सामने आई थीं। ऐसे में उन्होंने सवाल किया कि जब अब तक सिर्फ 79.85 लाख रुपये की बरामदगी हुई है, तो जांच को समाप्त करने की बात क्यों की जा रही है।

FIR में देरी को लेकर भी सवाल

कांग्रेस नेता ने FIR दर्ज किए जाने में हुई देरी का मुद्दा भी उठाया। उनके मुताबिक, चोरी से संबंधित वीडियो 4 जून को सामने आए थे और अगले दिन यानी 5 जून को CCTV फुटेज की जांच की गई थी। इसके बावजूद FIR 25 जून को दर्ज की गई।

जयराम रमेश ने इस 21 दिन के अंतराल को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि मामले की पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल किया कि अगर 105 घटनाओं की बात सामने आई है, तो मामले में सिर्फ आठ लोगों को आरोपी क्यों बनाया गया।

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग

कांग्रेस इस मामले में पहले से ही स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग करती रही है। पार्टी की ओर से सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग भी उठाई गई है।जयराम रमेश का सवाल है कि जब चोरी हुई कुल रकम को लेकर अभी पूरी तस्वीर स्पष्ट नहीं है, तब जांच को जल्द समाप्त करने की आवश्यकता क्यों महसूस की जा रही है।

हालांकि, विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार पहले कह चुके हैं कि जांच पूरी हो चुकी है और चढ़ावे की चोरी के अलावा किसी दूसरी तरह की अनियमितता सामने नहीं आई है।

SIT ने आठ लोगों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट

मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम यानी SIT ने आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।जांच में CCTV फुटेज के अलावा मोबाइल चैट और कॉल डिटेल रिकॉर्ड को भी साक्ष्य के तौर पर शामिल किया गया है।चार्जशीट के अनुसार, आरोपी अविनाश शुक्ला पर 85 अलग-अलग मौकों पर चढ़ावे की रकम निकालने का आरोप है। अन्य आरोपियों पर भी चोरी में शामिल होने या सहयोग करने के आरोप लगाए गए हैं।जांच में करीब 98 लोगों को गवाह बनाया गया है। इनमें श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल जी समेत अन्य लोगों के नाम शामिल हैं।

25 जून को दर्ज हुई थी FIR

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में 25 जून को FIR दर्ज की गई थी।यह मामला श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की शिकायत के आधार पर दर्ज हुआ था। शिकायत में चोरी, गबन और दान राशि के कथित दुरुपयोग से जुड़े आरोप लगाए गए थे।अब जयराम रमेश के ताजा सवालों के बाद यह मामला एक बार फिर राजनीतिक चर्चा में है। कांग्रेस जहां जांच को लेकर सवाल उठा रही है, वहीं SIT की ओर से उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।

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