PM Modi Mann Ki Baat

थाईलैंड में भी गूंज रही गणपति भक्ति, PM मोदी ने सुनाई 40 साल पुराने भक्त की कहानी

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ के 138वें एपिसोड में थाईलैंड के गणेश भक्त पंथौन थीरखानोन का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि भारतीय आस्था, कला और सांस्कृतिक परंपराओं को दुनिया के अलग-अलग देशों में भी अपनाया और पसंद किया जा रहा है।

पीएम मोदी ने कहा कि थाईलैंड में भगवान गणेश को ‘फ्रा फिकानेट’ के नाम से पूजा जाता है। पंथौन थीरखानोन के पिता ने उन्हें 19 वर्ष की उम्र में भगवान गणेश की तस्वीर दी थी। इसके बाद उनके मन में गणपति के प्रति गहरी आस्था पैदा हुई और उन्होंने चार दशक से अधिक समय तक भगवान गणेश से जुड़ी परंपराओं का अध्ययन किया।

भारत और नेपाल की यात्रा, महाराष्ट्र से खास लगाव
पंथौन थीरखानोन भारत और नेपाल समेत कई एशियाई देशों की यात्रा कर चुके हैं। पीएम मोदी के मुताबिक, उन्हें महाराष्ट्र की गणेश परंपराओं से विशेष लगाव है। अष्टविनायक परंपरा के बारे में जानने के बाद उन्होंने महाराष्ट्र की कई यात्राएं कीं और उनके प्रयासों से थाईलैंड में अष्टविनायक यात्रा भी लोकप्रिय हुई।

2002 में बनाया गणेश म्यूजियम
पीएम मोदी ने बताया कि पंथौन थीरखानोन ने वर्ष 2002 में उत्तरी थाईलैंड के चियांग माई में गणेश हिमाल म्यूजियम स्थापित किया। उनके अनुसार, म्यूजियम में 10 हजार से अधिक गणेश प्रतिमाएं हैं और उन श्रद्धालुओं के लिए अष्टविनायक की प्रतिमाएं भी रखी गई हैं, जो भारत की यात्रा नहीं कर सकते। यहां गणेश जी की पूजा और विशेष अवसरों पर धार्मिक आयोजन भी किए जाते हैं।

हालांकि, थाईलैंड के आधिकारिक Museum Thailand पोर्टल पर इसी गणेश संग्रहालय में करीब 2,000 प्रतिमाओं का उल्लेख मिलता है, जबकि थाई पर्यटन प्राधिकरण से जुड़े एक स्रोत में 1,000 से अधिक प्रतिमाओं की जानकारी दी गई है। इसलिए प्रतिमाओं की संख्या के मामले में अलग-अलग स्रोतों में अंतर दिखाई देता है।

दुनिया में पहुंच रही भारत की आस्था
प्रधानमंत्री मोदी ने पंथौन थीरखानोन की कहानी को भारत की आस्था, कला और सांस्कृतिक परंपराओं के वैश्विक प्रसार का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि गणपति बप्पा का आशीर्वाद सभी पर बना रहे। गणेश चतुर्थी 2026 की शुरुआत 14 सितंबर को हुई थी, जिसके बाद देशभर में घरों और सार्वजनिक स्थानों पर गणेश प्रतिमाएं स्थापित कर पूजा-अर्चना और उत्सव मनाया गया।

सबसे ज़्यादा पढ़े गए