पाकिस्तान में महंगाई फिर 10 फीसदी के पार, पेट्रोल और बिजली ने बढ़ाई लोगों की मुश्किल

Pakistan Inflation:  पाकिस्तान में महंगाई की रफ्तार सितंबर में थोड़ी धीमी जरूर हुई, लेकिन आम लोगों को राहत नहीं मिली है। पाकिस्तान ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर 2026 में देश की महंगाई दर 10.3 फीसदी रही, जबकि अगस्त में यह 11.1 फीसदी थी। इसके बावजूद महंगाई सरकार के अनुमान से ऊपर बनी हुई है।

सितंबर में उपभोक्ता कीमतों में महीने-दर-महीने 1.3 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। शहरी इलाकों में महंगाई 10.1 फीसदी और ग्रामीण क्षेत्रों में 10.5 फीसदी रही।

खाने-पीने की चीजों में थोड़ी राहत

खाद्य महंगाई में कुछ कमी जरूर आई है। सितंबर में शहरी क्षेत्रों में खाद्य महंगाई 8.1 फीसदी और ग्रामीण इलाकों में 7.7 फीसदी रही। हालांकि, खाने-पीने की कुछ जरूरी चीजों के दाम अब भी लोगों की जेब पर भारी पड़ रहे हैं। प्याज की कीमतों में सालाना आधार पर 125 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। वहीं गेहूं 41 फीसदी और गेहूं का आटा 32 फीसदी महंगा हुआ है। सरकार ने कीमतों पर दबाव कम करने के लिए 7.65 लाख टन गेहूं आयात करने का फैसला किया है। दूसरी ओर, आलू, चिकन, अंडे और चीनी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।

पेट्रोल और बिजली ने बढ़ाई परेशानी

पाकिस्तान में महंगाई बढ़ने की बड़ी वजह ऊर्जा और परिवहन की बढ़ती लागत बनी हुई है। सितंबर में शहरी क्षेत्रों में ऊर्जा संबंधी महंगाई 11.5 फीसदी और ग्रामीण क्षेत्रों में 13.1 फीसदी रही।आंकड़ों के मुताबिक, पेट्रोल की कीमत पिछले साल की तुलना में 39 फीसदी ज्यादा है, जबकि बिजली 33 फीसदी महंगी हुई है। परिवहन सेवाओं की कीमतों में भी सालाना आधार पर करीब 30 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इसका सीधा असर आम परिवारों के मासिक बजट पर पड़ रहा है।

दिसंबर तक महंगाई ऊंची रहने का अनुमान

पाकिस्तान सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) को बताया है कि अगर वैश्विक परिस्थितियां स्थिर रहती हैं और ब्रेंट क्रूड की औसत कीमत करीब 80 डॉलर प्रति बैरल रहती है, तो वित्त वर्ष के दौरान औसत महंगाई करीब 7.5 फीसदी रह सकती है।हालांकि, अगर कच्चे तेल की कीमत दिसंबर तक करीब 100 डॉलर प्रति बैरल बनी रहती है, तो सालाना महंगाई का औसत 8.2 फीसदी तक पहुंच सकता है।सरकार का अनुमान है कि दिसंबर तक कीमतों पर दबाव बना रह सकता है और इसके बाद महंगाई में धीरे-धीरे कमी आने की उम्मीद है।

कोर महंगाई में मामूली सुधार

खाद्य और ऊर्जा की कीमतों को हटाकर देखी जाने वाली कोर महंगाई में कुछ नरमी आई है। यह अलग-अलग क्षेत्रों में 8.1 से 8.6 फीसदी के बीच रही।हालांकि, बिजली, पेट्रोल और परिवहन की ऊंची कीमतें पाकिस्तान की महंगाई के लिए अब भी बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। ऐसे में खाद्य महंगाई में कमी के बावजूद आम लोगों के खर्च पर दबाव कम होना आसान नहीं दिख रहा है।

सबसे ज़्यादा पढ़े गए