Jignesh Mevani: गुजरात में कांग्रेस विधायक जिग्नेश मेवाणी की बहन को लेकर सोशल मीडिया पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला अब राजनीतिक रंग लेता नजर आ रहा है। कार्रवाई की मांग को लेकर मेवाणी रविवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अमित चावड़ा और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ गांधीनगर के सेक्टर-21 पुलिस स्टेशन पहुंचे।
मेवाणी ने बीजेपी नेता धवल दवे के खिलाफ FIR दर्ज करने और उनकी गिरफ्तारी की मांग करते हुए पुलिस स्टेशन के बाहर धरना दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस समर्थक भी वहां जुटे रहे।
‘मेरी बहन के खिलाफ टिप्पणी पर भी कार्रवाई हो’
धरने के दौरान मेवाणी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां को लेकर पहले की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में हुई पुलिस कार्रवाई का हवाला दिया। उन्होंने गुजरात सरकार और पुलिस से सवाल किया कि अगर उस मामले में FIR दर्ज की गई थी तो उनकी बहन को लेकर की गई कथित टिप्पणी पर भी कार्रवाई क्यों नहीं होनी चाहिए।मेवाणी ने सवाल उठाया कि क्या प्रधानमंत्री की मां के सम्मान की चिंता है, लेकिन उनकी बहन के सम्मान को लेकर कार्रवाई नहीं की जाएगी। हालांकि, ये मेवाणी की ओर से लगाए गए आरोप और राजनीतिक सवाल हैं।
बीजेपी और गृह विभाग पर भी लगाए आरोप
वडगाम से कांग्रेस विधायक ने आरोप लगाया कि कथित पोस्ट को हटाने के बजाय कुछ बीजेपी नेताओं और गुजरात गृह विभाग से जुड़े लोगों ने उसे सोशल मीडिया पर और ज्यादा फैलाया। उनका दावा है कि पोस्ट को Twitter, Facebook और Instagram पर शेयर कर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की गई।इन आरोपों की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और संबंधित पक्ष के जवाब के बाद ही स्पष्ट होगी।
पुलिस स्टेशन के बाहर हुआ हंगामा
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच भी तनाव देखने को मिला। पुलिस की ओर से शुरुआत में केवल पांच लोगों को अंदर जाकर शिकायत देने की अनुमति दी गई थी। इसी बात को लेकर कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच बहस हो गई।स्थिति कुछ देर के लिए धक्का-मुक्की तक पहुंच गई। बाद में कांग्रेस नेताओं को पुलिस स्टेशन के अंदर जाकर शिकायत देने की इजाजत दी गई।
FIR नहीं हुई तो भूख हड़ताल की चेतावनी
मेवाणी ने साफ कहा कि वह धवल दवे के खिलाफ FIR और गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। उन्होंने आरोपी की गिरफ्तारी के साथ पुलिस रिमांड की भी मांग रखी। मेवाणी पहले ही चेतावनी दे चुके थे कि अगर पुलिस आपराधिक मामला दर्ज नहीं करती है तो वह अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करेंगे। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने जांच के लिए सात दिन का समय मांगा, जिसके बाद मेवाणी ने अपना उपवास खत्म कर दिया।
मामले ने पकड़ा राजनीतिक तूल
सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर गुजरात में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और कुछ दलित संगठनों की ओर से भी धवल दवे के खिलाफ शिकायतें की गई हैं। फिलहाल पूरे विवाद का केंद्र कथित सोशल मीडिया पोस्ट और उस पर पुलिस कार्रवाई की मांग है। अब पुलिस जांच और FIR की स्थिति से तय होगा कि मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।
