Iran Oil Minister: ईरान के तेल मंत्रालय में बड़ा बदलाव हुआ है। तेल मंत्री मोहसेन पाकनेजाद ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने उनका इस्तीफा स्वीकार करते हुए नेशनल ईरानियन ऑयल कंपनी (NIOC) के प्रमुख हमीद बोवर्ड को कार्यवाहक तेल मंत्री नियुक्त किया है
ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, पाकनेजाद ने इससे पहले भी निजी कारणों का हवाला देते हुए पद छोड़ने की इच्छा जताई थी। हालांकि उस समय उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया था। बाद में जब उन्होंने पद छोड़ने पर दोबारा जोर दिया तो राष्ट्रपति ने इसे मंजूरी दे दी। राष्ट्रपति कार्यालय ने उनके कार्यकाल के दौरान दी गई सेवाओं की भी सराहना की है।
कौन हैं नए कार्यवाहक तेल मंत्री हमीद बोवर्ड?
मोहसेन पाकनेजाद के इस्तीफे के बाद अब तेल मंत्रालय की अंतरिम जिम्मेदारी हमीद बोवर्ड के पास होगी। बोवर्ड लंबे समय से ईरान के ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े हुए हैं और तेल उत्पादन तथा संचालन से जुड़े अहम पदों पर काम कर चुके हैं। वह 2024 से नेशनल ईरानियन ऑयल कंपनी (NIOC) के प्रमुख के तौर पर काम कर रहे थे। अब उन्हें ऐसे समय में मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है, जब ईरान का तेल उद्योग कई तरह की चुनौतियों से गुजर रहा है।
अमेरिकी प्रतिबंधों के बीच हुआ नेतृत्व परिवर्तन
ईरान के तेल मंत्री का इस्तीफा ऐसे वक्त आया है जब अमेरिका लगातार ईरान के तेल और ऊर्जा क्षेत्र पर दबाव बढ़ा रहा है। अमेरिकी प्रतिबंधों के साथ-साथ ईरानी तेल के निर्यात को सीमित करने की कोशिशों ने देश के ऊर्जा कारोबार के सामने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने पाकनेजाद के इस्तीफे की वजह निजी कारण बताई है। ऐसे में उनके पद छोड़ने को सीधे अमेरिकी दबाव से जोड़ना आधिकारिक तौर पर सही नहीं होगा।
ईरान के लिए तेल कारोबार क्यों महत्वपूर्ण?
ईरान की अर्थव्यवस्था में तेल से होने वाली कमाई की बड़ी भूमिका है। मौजूदा तनाव और प्रतिबंधों के बीच देश के लिए तेल का निर्यात और उससे मिलने वाला राजस्व बेहद महत्वपूर्ण हो गया है।अमेरिका ईरान की तेल आय और विदेशी मुद्रा तक पहुंच को सीमित करने की कोशिश कर रहा है। दूसरी तरफ ईरान अपने तेल कारोबार को जारी रखने और राजस्व के स्रोत बनाए रखने की कोशिश में जुटा हुआ है। पाकनेजाद भी अपने कार्यकाल के दौरान कह चुके थे कि बेचे गए तेल से होने वाली आय जारी है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर भी नजर
ईरान के तेल कारोबार को समझने के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज भी बेहद अहम है। मध्य पूर्व का यह समुद्री रास्ता वैश्विक तेल और LNG व्यापार के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। क्षेत्र में बढ़े तनाव के कारण इस रास्ते से होने वाले समुद्री परिवहन पर जोखिम भी बढ़ गया है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, तनाव के बावजूद सितंबर में मध्य पूर्व से होने वाला तेल निर्यात युद्ध से पहले के स्तर से ऊपर रहा। हालांकि समुद्री रास्तों की सुरक्षा और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने ऊर्जा बाजार की चिंता बढ़ा दी है।
