raj-prasuta death

नहीं थम रहा प्रसूताओं की मौत का सिलसिला

 

raj-prasuta death-राजस्थान के अस्पतालों में प्रसूताओं की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है, जोधपुर, कोटा, बांसवाड़ा, भीलवाड़ा तमाम शहरों से ये मामले सामने आए हैं…अब एक बार फिर जोधपुर से नए केस सामने आए हैं …बताया जा रहा है कि जोधपुर के उम्मेद हॉस्पिटल में पिछले 2 दिनों में 5 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ी है…उम्मेद हॉस्पिटल में इन सभी का इलाज किया जा रहा है

उम्मेद हॉस्पिटल का दावा

उम्मेद हॉस्पिटल प्रशासन के मुताबिक ये पांचों प्रसूताएं जिले के अलग-अलग सेंटर से रेफर होकर आईं थी..हॉस्पिटल प्रशासन के मुताबिक ज्यादातर केस में ब्लड लॉस होने की शिकायत थी ..5 में से 3 प्रसूताओं को ICU में एडमिट कराया गया है…बताया जा रहा है कि इनमें से किसी की भी उम्मेद हॉस्पिटल में तबीयत नहीं बिगड़ी थी। ज्यादा जानकारी को लेकर हॉस्पिटल मैनेजमेंट ने मामले में चुप्पी साध ली है

लगातार सामने आ रहे प्रसूताओं के गंभीर मामले

पिछले एक महीने में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 13 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। इससे पहले 20 जून को भी पावटा के डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 8 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ गई थी…इसके बाद इनमें से 2 को पहले मथुरादास माथुर हॉस्पिटल और फिर एम्स में रेफर किया गया था। जबकि 6 प्रसूताओं का इलाज पावटा के ही डिस्ट्रीक्ट हॉस्पिटल में चला था। हालांकि इसके बाद इनकी तबीयत में सुधार हुआ और फिर सभी को छुट्टी दे दी गई थी। इस मामले में हुई ओटी, दवाई और प्रसूताओं की सभी जांच सामान्य आई थी

ताजा मामले ज्यादा ब्लड लॉस के कारण

उम्मेद हॉस्पिटल में पिछले दिनों भर्ती  पांचों प्रसूताओं की डिलीवरी के बाद ज्यादा ब्लड लॉस की शिकायत बताई गई थी…जिसके बाद इनकी तबीयत बिगड़ी और हायर सेंटर रेफर किया गया। इनमें से चार को आईसीयू में एडमिट किया गया था। इनमें से एक वेंटिलेटर पर है। जबकि तीन अब भी आईसीयू में एडमिट हैं। एक प्रसूता सामान्य वार्ड में एडमिट है। उन्होंने बताया कि इस इनमें ब्लड प्रेशर की भी शिकायत आई थी।

 रिपोर्ट में लापरवाही का खुलासा

इस मामले को लेकर शुक्रवार को ही जांच कमेटी ने मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा को रिपोर्ट सौंपी थी। इसमें बताया गया कि बिना क्रॉस चेक किए प्रसूता को गलत खून चढ़ाया गया था। साथ में ये भी बताया गया कि इसमें रेजिडेंट डॉक्टर्स से लेकर लैब टेक्नीशियन और नर्सिंग स्टाफ की लापरवाही थी। इसे लेकर अब नोटिस देने की तैयारी की जा रही है।

स्वास्थ्य मंत्री का क्या कहना है?

राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र खींवसर लगातार अस्पतालों के दौरे कर रहे हैं और केसेस को लेकर जानकारी ले रहे हैं..उनके मुताबिक ज्यादातर मामलों में गंभीर रेफर केस इन अस्पतालों के पास आते हैं ऐसे में कई मामलों में प्रसूताओं की मौत भी हुई है..लेकिन हम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं अस्पताल प्रशासन से लगातार फीडबैक लिया जा रहा है और लापरवाही पर सख्त एक्शन की बात भी कही गई है

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