BALOTRA KISAN TRAGEDY-वो कहते हैं ना जो किस्मत में ना हो वो हजार कोशिशें करने के बाद भी हाथ नहीं आता…ऐसा ही कुछ वाक्या राजस्थान के बालोतरा से सामने आया है जहां एक किसान को पैसा तो खूब मिला लेकिन उसके किसी काम नहीं आया…नशे और भूलने की आदत ने किसान को ऐसा बर्बाद किया कि उसका पूरा परिवार आज सिर्फ अफसोस करने के अलावा कुछ नहीं कर सकता...
मांगीलाल के साथ क्या हुआ?
दरअसल बालोतरा का एक किसान जो कि पचपदरा में रहता है और जिसका नाम मांगीलाल मेघवाल है….नेवाई गांव का रहने वाला है…किसान ने करीब एक साल पहले अपनी जमीन बेचकर मोटी रकम करीब 5 लाख रुपये मिले थे…मांगीलाल मेघवाल इस रकम को चोरों से बचाना चाहता था इसलिए मांगीलाल ने ये रकम एक पन्नी में लपेटकर खेत में गाड़ दी…लेकिन इसके बाद जो हुआ वो किसी बुरे सपने से कम नहीं था…मांगीलाल को भूलने की बीमारी है और अक्सर वो नशे का भी आदी है…ऐसे में मांगीलाल ये रकम खेत में गाड़ने के बाद भूल गया
खेत में गाड़ी रकम भूल गया
मांगीलाल नशे की लत और भूलने की बीमारी के चलते गाड़े हुए पैसे भूल गया…इन पैसों से वो अपने खेत में कमरा भी बनाना चाहता था…परिवार में भी किसी को इतने पैसे उसके पास होने का पता न चले इसलिए उसने परिवार को भी इन पैसों की जानकारी नहीं दी…यहीं उसने सबसे बड़ी गलती कर दी…मांगीलाल खेत में गड़ा पैसा भूल गया और लाख कोशिशों के बाद भी उसे ढूंढने में नाकाम रहा…
पैसा मिला तो लेकिन सब बर्बाद हो गया
खेत में पैसा गाड़ने के करीब एक साल बाद किसान को जब पैसा मिलने की उम्मीद पूरी तरह टूट चुकी थी तब वो हुआ जिसका किसी को अंदाज भी नहीं था….किसान ने बारिश के मौसम के बाद जब अपने खेतों में जुताई शुरू की तो ट्रैक्टर से खेत में जुताई के दौरान पैसों की वो थैली हाथ आ गई…किसान की खुशी का मानो कोई ठिकाना नहीं रहा लेकिन ये खुशी बस कुछ ही पलों की मेहमान थी क्योंकि पॉलीथीन खोलने पर पता चला पूरा पैसा दीमकों ने खा लिया था…इसके बाद किसान और उसके परिवार के पास रोने और खुद को कोसने के अलावा कोई चारा नहीं था….दीमकों ने उसके सारे पैसा चट कर लिए थे…कटे फटे पांच-पांच सौ के नोट देख किसान और उसका परिवार बिलख पड़ा….
बैंक ने भी पैसे लेने से इनकार किया
कटे फटे नोट लेकर किसान बैंक के पास पहुंचा तो बैंक ने भी ये पैसे लेने से इनकार कर दिया…अब किसान माथा पीटने के सिवाय कुछ नहीं कर सकता था…उसके नशे और भूलने की बीमारी ने उसकी सारी रकम मिट्टी कर दी थी
ReplyForward
