Bank Strike 2026: अगर आपका बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम है तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। देशभर के बैंक कर्मचारी 28 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक तीन दिनों की हड़ताल पर जाने की तैयारी में हैं। इस दौरान बैंक शाखाओं में होने वाली कई सामान्य सेवाओं पर असर पड़ सकता है। खासकर कैश जमा-निकासी, चेक क्लियरेंस और शाखा से जुड़े कामों में देरी की संभावना है।
हालांकि, डिजिटल बैंकिंग सेवाओं को लेकर ग्राहकों को ज्यादा परेशानी नहीं होने की उम्मीद है। UPI, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और ATM जैसी सुविधाएं सामान्य रूप से चालू रह सकती हैं।
किन बैंक सेवाओं पर पड़ेगा असर?
बैंक हड़ताल के दौरान शाखाओं में कर्मचारियों की अनुपलब्धता के कारण कई सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। इनमें चेक जमा करना, चेक क्लियरेंस, कैश डिपॉजिट और विड्रॉल जैसी सुविधाएं शामिल हैं।ग्राहकों को सलाह दी जा रही है कि अगर उन्हें बैंक शाखा से जुड़ा कोई जरूरी काम करना है तो उसे हड़ताल शुरू होने से पहले पूरा कर लें। कैश की जरूरत होने पर पहले से व्यवस्था करना बेहतर रहेगा।
SBI ने ग्राहकों को दी सलाह
देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI समेत कई बैंकों ने संभावित हड़ताल को देखते हुए ग्राहकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। बैंक ने कहा है कि ग्राहक जरूरी लेन-देन पहले पूरा कर लें और जरूरत पड़ने पर ATM, डिजिटल बैंकिंग और अन्य ऑनलाइन माध्यमों का इस्तेमाल करें।
ICICI, HDFC और Axis Bank पर कितना असर?
यह हड़ताल सभी बैंकों को एक समान प्रभावित नहीं करेगी। ICICI Bank, HDFC Bank और Axis Bank जैसे कई निजी बैंकों की शाखाएं सामान्य रूप से खुली रहने की संभावना है। हालांकि, किसी भी बैंक की स्थानीय शाखा में सेवाओं की स्थिति अलग हो सकती है, इसलिए ग्राहकों को अपने बैंक से जानकारी लेते रहना चाहिए।
पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था की मांग को लेकर हड़ताल
बैंक कर्मचारियों के संगठन United Forum of Bank Unions (UFBU) ने इस हड़ताल का आह्वान किया है। UFBU में बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के कई संगठन शामिल हैं।यूनियनों की मुख्य मांग बैंकिंग सेक्टर में पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू करना है। उनका कहना है कि कई अन्य वित्तीय संस्थानों में पहले से ही पांच दिन काम करने की व्यवस्था लागू है।
पेंशन और पुरानी पेंशन योजना समेत कई मांगें
बैंक यूनियनों की मांगों में केवल पांच दिन कार्य सप्ताह ही नहीं, बल्कि पेंशन से जुड़े मुद्दे, समान महंगाई भत्ता फॉर्मूला और NPS कर्मचारियों को Old Pension Scheme (OPS) का विकल्प देने जैसी मांगें भी शामिल हैं।यूनियनों ने यह भी संकेत दिया है कि अगर मांगों पर सहमति नहीं बनती है तो आने वाले समय में बड़ा आंदोलन किया जा सकता है।
वित्त मंत्रालय ने की बातचीत की अपील
वित्त मंत्रालय ने बैंक कर्मचारियों से हड़ताल का रास्ता छोड़कर बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। मंत्रालय का कहना है कि कई मुद्दों पर चर्चा जारी है और बैंकिंग सेवाओं को प्रभावित होने से बचाना जरूरी है।मंत्रालय ने यह भी बताया कि Performance Linked Incentive (PLI) योजना को लेकर उठाई गई आपत्तियों पर बातचीत के बाद फिलहाल रोक लगाई गई है।
