Balochistan Drone Strik

बलूचिस्तान में ड्रोन स्ट्राइक का दावा, 4 युवकों की मौत; BYC ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर लगाया आरोप

नई दिल्ली: पाकिस्तान के बलूचिस्तान में कथित ड्रोन हमले को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। बलोच यकजेहती कमेटी (BYC) ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने केच जिले के तुम्प इलाके में ड्रोन स्ट्राइक की, जिसमें चार युवकों की मौत हो गई। हालांकि, पाकिस्तानी अधिकारियों ने मारे गए लोगों को संदिग्ध आतंकवादी बताया है।

BYC के मुताबिक, यह घटना शुक्रवार को बालिचा के लुथुम इलाके में हुई। संगठन का दावा है कि कुछ युवक पहाड़ी क्षेत्र में पिकनिक के लिए गए थे। इसी दौरान कथित तौर पर ड्रोन हमला किया गया।

चार युवकों की मौत का दावा
BYC ने मृतकों में नवाब के बेटे जुबैर का नाम बताया है। संगठन के अनुसार, जुबैर सीमा क्षेत्र में मजदूरी करता था और उसने इलाके में जाने से पहले पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को अपने समूह की गतिविधि की जानकारी दी थी। BYC का आरोप है कि सुरक्षा बलों को जानकारी दिए जाने के बावजूद समूह को निशाना बनाया गया। संगठन ने इसे बलूच नागरिकों के खिलाफ कथित सैन्य कार्रवाई के व्यापक संदर्भ में देखने की मांग की है।

6 लोग पहाड़ों पर गए थे, 4 की मौत का दावा
The Balochistan Post की रिपोर्ट के अनुसार, बालिचा के छह निवासी नजदीकी पहाड़ी क्षेत्र में गए थे। रिपोर्ट में दावा किया गया कि इनमें से चार लोगों की मौत हुई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। मृतकों की पहचान यासिर, जुबैर, समीर और दीदाग के रूप में किए जाने की जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें से तीन आपस में रिश्तेदार थे।

पाकिस्तानी अधिकारियों ने बताया संदिग्ध आतंकी
वहीं, पाकिस्तानी अधिकारियों का अलग दावा है। अधिकारियों ने मारे गए लोगों को संदिग्ध आतंकवादी बताया है। इसी को लेकर BYC ने सैन्य कार्रवाई के आधिकारिक दावे पर सवाल उठाए हैं।BYC ने घटना की स्वतंत्र जांच की मांग की है। संगठन ने संयुक्त राष्ट्र, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और नागरिक समाज से बलूचिस्तान में कथित हवाई हमलों और नागरिकों की मौत के आरोपों की जांच करने की अपील की है।

बलूचिस्तान में लंबे समय से सुरक्षा बलों और बलूच अलगाववादी समूहों के बीच संघर्ष जारी है। क्षेत्र में सैन्य अभियानों के दौरान नागरिकों के हताहत होने के आरोप भी सामने आते रहे हैं। हालांकि, इस विशेष घटना में मृतकों की पहचान और हमले की परिस्थितियों को लेकर पक्षों के दावों में अंतर है।

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