जयपुर से ISI एजेंट गिरफ्तार

pak jasoos arrest- राजस्थान पुलिस ने एक बार फिर पाकिस्तानी साजिश का भंडाफोड़ किया है…राजस्थान पुलिस की  CID (इंटेलिजेंस)  ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ((ISI AGENT ARREST IN JAIPUR)) के लिए फंडिंग नेटवर्क चलाने वाले एजेंट को गिरफ्तार किया है…बताया जा रहा है कि CID VS रफीक नाम के शख्स की गिरफ्तारी की है….रफीक मूल रूप से महाराष्ट्र के औरंगाबाद का रहने वाला बताया जा रहा है उसकी गिरफ्तारी पिछली 30 जून के दिन की गई है….रफीक को गिरफ्तारी के बाद कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे 6 दिन की रिमांड पर भेज दिया गया…अब CID टीम उसे औरंगाबाद लेकर जा रही है जहां उससे पूरे मामले को लेकर पूछताछ की जाएगी

ISI  के जासूसों को पहुंचाता था फंडिंग

CID के खुलासे के मुताबिक रफीक पिछले करीब 4 साल से जासूसी में शामिल ISI के लोगों तक पाकिस्तान से आया पैसा पहुंचा रहा था…CID ने इस बड़ी साजिश को लेकर कड़ियां जोड़नी शुरु कर दी हैं…आगे रफीक से पूछताछ में और भी कई खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है

पहली हुई गिरफ्तारियों से हुआ खुलासा

रफीक की गिरफ्तारी की कड़ियां जनवरी में हुई गिरफ्तारियों तक जाती हैं..जहां इसी जनवरी में दो लोग झबराराम और सुमित कुमार की गिरफ्तारियां हुईं थीं…इनकी गिरफ्तारियां डिब्रूगढ़ एयरफोर्स स्टेशन से की गई थी…अब इन दोनों से पूछताछ के बाद रफीक का नाम सामने आया है…सुमित और झबराराम पर सेना की गुप्त सूचनाएं पाकिस्तान तक पहुंचाने के आरोप हैं

4 साल के ISI हैंडलर के संपर्क में था

रफीक ने पूछताछ में खुलासा किया है कि वह करीब 4 साल से पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था और उसी ने सुमित और झबराराम को ISI से मिले पैसे जासूसी के लिए पहुंचाए थे…बताया जा रहा है कि रफीक सोशल मीडिया के जरिए ISI के संपर्क में था  जांच में सामने आया कि ISI हैंडलर के कहने पर रफीक ने अपने नाम के अलावा अन्य लोगों के नाम से भी अलग-अलग बैंक खाते खुलवाए। इन खातों का इस्तेमाल जासूसी गतिविधियों में शामिल लोगों तक ISI की ओर से भेजे रुपए पहुंचाने के लिए किया जाता था।

पूछताछ में हो सकते हैं बड़े खुलासे

बताया जा रहा है सुरक्षा एजेंसियां रफी से पूछताछ में जुटी हुईं हैं उससे तमाम लेनदेन, बैंक खातों और उसके संपर्क में रहे लोगों के बारे में पूछताछ की जा रही है यह पता लगाने को कोशिश की जा रही है की रफीक ने भारत में किस नेटवर्क से और किन-किन लोगों तक पैसा पहुंचाया है…नाम सामने आने के बाद पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क को लेकर बड़ा खुलासा हो सकता है.. राजस्थान पुलिस के मुताबिक- देश की सुरक्षा के खिलाफ काम करने वाले लोगों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी

झबराराम को लेकर चौंकाने वाले खुलासे

30 जनवरी 2026 को गिरफ्तारी के बाद झबराराम ने कई बड़े खुलासे किए बताया जा रहा है कि झबराराम का वाट्सएप पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के हैंडलर्स चला रहे थे…झबराराम ने जासूसी की बात सुरक्षा एजेंसियों की पूछताछ में कुबूल की थी….अब उस तक पैसा पहुंचाने वाले पाक एजेंट रफीक की गिरफ्तारी के बाद और भी कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं…सुरक्षा एजेंसियां लगातार ISI के नेटवर्क को देश में तोड़ने के प्रयास में जुटी हुई है