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CJP Protest: प्रोटेस्ट से दिल्ली बनी बंधक, ट्रेन-मेट्रो स्टेशन बंद..ऐसा रहा दिन..अब SC में दायर हुई याचिका

नई दिल्ली: CJP Protest  कॉकरोच जनता पार्टी के 10 अक्टूबर को जंतर मंतर पर प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में अभूतपूर्व सुरक्षा के इंतजाम किये गये. प्रोटेस्ट को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 30 हजार से भी ज्यादा जवानों को तैनात किया गया. यही नहीं, दिल्ली आने वाली 150 से ज्यादा एक्सप्रेस और मेल ट्रेनों को रद्द कर दिया गया. साथ ही दिल्ली के कई मेट्रो स्टेशन भी बंद रहे. जानकारी के मुताबिक, रात 10 बजे तक 45 मेट्रो स्टेशन बंद रख गये हैं.

सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हुई याचिका

दिल्ली में प्रदर्शन को रोकने के लिए प्रशासन की तरफ से उठाए गए कदमों के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में कल सुनवाई होगी. जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच इस मामले को सुनेगी. याचिकाओं में कहा गया है कि, कोर्ट के आदेश के बावजूद मेट्रो स्टेशन और सड़क परिवहन को बाधित किया गया. कुछ वकीलों को हिरासत में लेने का मसला भी सुनवाई के दौरान उठ सकता है.

सुबह दिपके, सौरभ दास व रांका हिरासत में लिये गये

बता दें कि, शनिवार सुबह ही कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके और प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (आईजीआई) एयरपोर्ट पर हिरासत में ले लिया गया था, जब वे प्रदर्शन से पहले पहुंचे थे. दिल्ली पुलिस के जवान आईजीआई एयरपोर्ट पर लैंडिंग के बाद उस विमान के अंदर गए और तीनों को हिरासत में ले लिया. सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में दिपके पुलिस से कहते हुए सुने गए, मैं यहां गिरफ्तार होने के लिए आया हूं, मुझे गिरफ्तार करो.

ममता ने कहा-ऐसा लगा जैसे हमारा अपहरण किया जा रहा हो

वहीं दूसरी तरफ, बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हिरासत से छूटने के बाद कहा, हमें जबरदस्ती एक जेल वैन में बिठाकर ले गए, जैसे कि हम वांछित अपराधी हों. मैंने ऐसा पहले कभी अनुभव नहीं किया. गिरफ्तार होना और पुलिस वैन में डाल दिया जाना.’ वैन में हमें दो घंटे तक घुमाते रहे. हम एक पुलिस स्टेशन गए, फिर दूसरे, फिर तीसरे; हर जगह उन्होंने कहा कि जगह नहीं है. आखिरकार, हमें ऐसा लगा जैसे हमारा अपहरण किया जा रहा हो.

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