PM Netanyahu and machchhar

Israel PM Netanyahu Talk with Captain Machchhar: मच्छार ने सुनाई हमले की Inside story, दिल दहलाने वाला था पूरा वाकया

डेस्क:  Israel PM Netanyahu Talk with Captain Machchhar   फ्लाईदुबई के विमान को बड़े हादसे से बचाने वाले कैप्टन स्मित मच्छार के हौसले की दुनिया भर में चर्चा हो रही है. इस बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन मच्छार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बात की. नेतन्याहू ने उनके हौसले की तारीफ करते हुए पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली. उन्होंने कैप्टन को भारत, इजरायल समेत दुनियाभऱ का हीरो बताया. बता दें, कि इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी स्मित मच्छार से बात की थी.

मच्छार ने इस पूरी बातचीत में नेतन्याहू को कॉकपिट के अंदर हुए हमले के बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने बताया कि किस तरह को-पायलट के अचानक हमले के बाद विमान तेजी से नीचे जाने लगा और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश जारी रखी.

को-पायलट ने कहा कि, वह प्रार्थना करना चाहता है..

मच्छार ने इजरायली पीएम को बताया कि, उड़ान आम दिनों की तरह सामान्य तरीके से चल रही थी. उनके साथ मौजूद को-पायलट ने प्रार्थना करने की बात कही. मच्छार ने कहा कि, सम्मान के चलते वह आगे की ओर देखते रहे और पीछे की तरफ ध्यान नहीं दिया. करीब चार से पांच मिनट बाद उन्हें सिर के पीछे जोरदार चोट लगी. शुरुआत में उन्हें लगा कि विमान में किसी तरह की कोई दिक्कत आई है. लेकिन, जब लगातार हमले होते रहे तो उन्हें समझ आया कि विमान में कोई तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि कॉकपिट में मौजूद को-पायलट ही उन पर हमला कर रहा है. मच्छार ने बताया कि उन्होंने हमलावर को रोकने की कोशिश की, लेकिन लगातार हमले में चोट लगने के कारण उनकी आंखों के सामने धुंधलापन छाने लगा. इसी दौरान उन्हें महसूस हुआ कि विमान बहुत तेजी से नीचे जा रहा है.

को-पायलट लगातार दरवाजा खोलने से रोकता रहा..

मच्छार ने नेतन्याहू को बताया कि उन्होंने एक बार कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की, लेकिन को-पायलट ने फिर उसे फिर बंद कर दिया. उस समय वह खुद कॉकपिट में गिर चुके थे. इसके बावजूद उन्हें लग रहा था कि अगर दरवाजा नहीं खुला तो विमान में सवार सभी लोगों की जान जा सकती है. उन्होंने कहा कि, मेरी स्थिति लगातार खराब हो रही थी, लेकिन किसी तरह उन्होंने आखिरी ताकत जुटाई और दोबारा दरवाजा खोलने की कोशिश की. आखिरकार वह कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे, जिससे दूसरे चालक दल के सदस्यों और यात्रियों को अंदर पहुंचने और हालात संभालने का मौका मिला.

पीएम नेतन्याहू ने दिया कैप्टन मच्छार को न्योता

नेतन्याहू ने मच्छार से इस कदर प्रभावित हुए कि, उन्हें इजरायल के अगले स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने का न्योता दिया. उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मच्छार को समारोह में मशाल जलाते देखना चाहते हैं. नेतन्याहू के मुताबिक, स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाना इजरायल के सर्वोच्च सम्मानों में से एक है और आमतौर पर यह सम्मान इजरायली नागरिकों के लिए रखा जाता है. उन्होंने कहा कि इस मामले में इजरायल के लोग मच्छार को अपनाएंगे और उन्हें जल्द इजरायल में देखने की उम्मीद है.

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