Jamui Case बेखौफ मनचले ‘बैड टच’ करते रहे, गुहार लगाती रही छात्रा

नई दिल्ली: बिहार के जमुई में (Harassment in Jamui)  हुई घटना ने देश को शर्मसार कर दिया है. पुलिस तंत्र और सामाजिक सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं. जिस तरह से सरेआम नाबालिग छात्र और छात्रा के साथ बदसलूकी हुई, इसे लेकर हर कोई हैरान और खौफ में है. वहीं, अब राजनीति भी खुलकर होने लगी है. विपक्ष के नेताओं ने राज्य की सम्राट चौधरी सरकार पर निशाना साधा है. उनका कहना है कि, मुख्यमंत्री इस पूरे मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है.

आरोपियों की गिरफ्तारी

इस बीच, बिहार सरकार में मंत्री श्रवण कुमार ने जानकारी देते हुए कहा कि, आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी.

ये थी घटना

आपको बता दें कि, 19 सितंबर की शाम जब एक नाबालिग छात्र और छात्रा अपनी स्कूटी से घर लौट रहे थे, तभी बीच रास्ते में कुछ मनचलों ने उन्हें जबरन रोक लिया. इसके बाद पुलिसिया तंत्र को ठेंगा दिखाते हुए उन मासूमों के साथ जो बदसलूकी की, वह रोंगटे खड़े कर देने वाली है. आरोपियों ने न केवल नाबालिगों के साथ बदतमीजी और गाली-गलौज की, बल्कि नाबालिग छात्रा के साथ ‘बैड टच’ कर उसकी अस्मत और गरिमा को गहरी चोट पहुंचाने की कोशिश की. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वयरल हो रहा है. इसमें साफ दिख रहा है कि,

छात्रा हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाती रही, छोड़ देने की गुहार लगाती रही, लेकिन मनचलों की दरिंदगी नहीं थमी. वे बेशर्मी से इस पूरी घिनौनी हरकत का मोबाइल से वीडियो बनाते रहे और बाद में उसे इंटरनेट पर वायरल कर अपनी हनक दिखाने की कोशिश की.

डीएम ने लिया संज्ञान

सरेराह इस घिनौनी हरकत का वीडियो जैसे ही इंटरनेट पर अपलोड हुआ, पूरे जिले में जनाक्रोश भड़क उठा. हालांकि, सामाजिक संकोच और लोकलाज के चलते पीड़ित पक्ष की ओर से थाने में कोई औपचारिक लिखित शिकायत नहीं दी गई थी. लेकिन मामले की संवेदनशीलता और भयावहता को देखते हुए जिलाधिकारी ने मामले का तुरंत संज्ञान लिया और पुलिस महकमे को स्वतः आगे बढ़कर कठोर कार्रवाई का आदेश दिया.

आरोपियों पर केस दर्ज

जिलाधिकारी नवीन के निर्देश पर जमुई सदर थाना पुलिस ने वायरल वीडियो की तकनीकी पड़ताल शुरू की. साइबर सेल और गुप्तचरों की मदद से पुलिस ने पीड़ित छात्र-छात्रा का पता लगाया और उनके घर जाकर अत्यंत गोपनीय व संवेदनशील माहौल में उनका बयान दर्ज किया. इसके बाद सदर थाने में पोक्सो एक्ट (POCSO Act) और बीएनएस की गैर-जमानती धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई.

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