नई दिल्ली: CJP On Delhi Police पुलिस हिरासत से रिहाई के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार और दिल्ली पुलिस पर निशाना साधा है. पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने आरोप लगाते हुए कहा कि, दिल्ली पुलिस ने हिरासत के दौरान उनके फोन जब्त कर लिये थे. दास का कहना है कि, पुलिस उनका फोन हैक कर सकती है. साथ ही उनका कहना है कि, फन पर बाहर से कुछ सबूत डाले जा सकते हैं. बता दें कि, शनिवार को जंतर मंतर पर प्रदर्शन से पहले सीजेपी मुखिया अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में ले लिया गया था.
फोन किया जा सकता है हैक
रिहा होने के बाद मीडिया से बात करते हुए सौरव दास ने कहा, ”हमारे फोन सीज किए, लेकिन सीजर मेमो नहीं दिया. अब आशंका है कि उन्होंने हमारे फोन में क्या-क्या किया होगा? हमें आशंका है कि हमारे फोन को हैक किया गया, फोन को शायद क्लोन किया गया. जैसे दूसरे एक्टिविस्ट लोगों के साथ हुआ, वैसे ही हमारे फोन में भी शायद हैक करके डॉक्यूमेंट्स या कुछ सबूत प्लांट कर दिया है. यह आशंका है. उन्हें लीगल प्रोसेस फॉलो करना होता, वो उन्होंने नहीं किया. उनका चोरी वाला दिमाग दिख रहा है. हमारे फोन को भी शायद हैक कर दिया गया.”
#WATCH | Delhi: Cockroach Janta Party (CJP) Chief Spokesperson Saurav Das says, “They seized our phones but did not provide a seizure memo… We suspect our phones were hacked or cloned. Just as has happened to other activists over the years, we fear they may have hacked into our devices to plant documents or other material to be presented later as evidence… We want to state here that our phones have likely been compromised…”
— ANI (@ANI) October 11, 2026
आंदोलन की छवि खराब करने की कोशिश: सौरव दास
सौरव ने कहा, ’50 से ज्यादा मेट्रो स्टेशन, दुकानें, और सड़कें बंद करके हमारे आंदोलन की छवि पेश करने की कोशिश कर रहे हैं. वे जेनजी आंदोलन को गलत तरीके से हाइलाइट करना चाहते हैं. जब हम उतरे तो पुलिस तुरंत प्लेन की सीढ़ियों पर आ गई. हमें उठा ले गई. यह वही सरकार है, जिसने मोदी और विजय माल्या को प्लेन से विदेश भेजा था. हमें पता था कि हमें हिरासत में लिया जाएगा, लेकिन हमें इस तरह से उठाया गया.’
सौरव ने कहा, ‘हमें हिरासत में लेने का कोई कागज या कारण नहीं बताया. उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों का इस्तेमाल करके जबरदस्ती हमारे फोन जब्त कर लिए. हमने फिर भी अपने फोन दे दिए. जब्ती का मेमो मांगा, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया.
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