Donald Trump on Iran: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनाव से पहले कुछ अतिरिक्त कदम उठा सकता है। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि अमेरिका इस स्थिति को बहुत तेजी से खत्म कर सकता है। ट्रंप ने यह बयान शनिवार को टेनेसी के क्लार्क्सविल में मिडटर्म चुनाव की रैली को संबोधित करते हुए दिया।
ईरान कुछ अतिरिक्त कर सकता है
ट्रंप ने कहा कि ईरान के रुख में कुछ नरमी आई है, लेकिन वह चुनाव से पहले कुछ ऐसा कर सकता है, जिससे अमेरिका को नुकसान पहुंचे। उन्होंने कहा, “वे (ईरान) कुछ शांत हो रहे हैं। वे शायद चुनाव से पहले कुछ अतिरिक्त करेंगे, यह सोचकर कि इससे हमें नुकसान होगा। लेकिन हम इसे बहुत जल्दी खत्म कर सकते हैं।”
ट्रंप ने आगे कहा कि ईरान को इस बात का अंदाजा नहीं है कि उन्होंने अब तक उसके प्रति कितनी नरमी बरती है।
चुनाव से पहले ईरान पर हमला नहीं करने की बात कह चुके हैं ट्रंप
इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि ईरान के साथ बातचीत जारी रहने के कारण अमेरिका 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले उस पर हमला नहीं करेगा। गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान के साथ बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने ईरान की आर्थिक और सैन्य स्थिति पर भी टिप्पणी की और कहा कि नाकेबंदी जारी रहेगी।
ट्रंप ने यह भी कहा था कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। उनके ताजा बयान के बाद दोनों देशों के बीच बातचीत और संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर स्थिति पर नजर बनी हुई है।
सऊदी अरब पर हमले के बाद हूतियों के खिलाफ कार्रवाई के संकेत
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ट्रंप ने सऊदी अरब के रियाद एयरपोर्ट पर हालिया हमले के बाद हूती विद्रोहियों के खिलाफ कार्रवाई में शामिल होने की संभावना पर भी बात की। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को हालिया हमले की जानकारी मिली है और वह इस पर फैसला करेगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरे मामले की समीक्षा करेगा।
रियाद एयरपोर्ट पर हमले में 12 लोगों की मौत, 309 घायल होने का दावा
सऊदी अरब की जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन (GACA) के मुताबिक, 10 अक्टूबर को किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाकर किए गए हमले में 12 लोगों की मौत हुई और 309 लोग घायल हुए। घायलों में कुछ की हालत गंभीर बताई गई है और उनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, मृतकों में चार सऊदी नागरिक, दो बांग्लादेशी नागरिक और अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, फिलिस्तीन तथा सूडान का एक-एक नागरिक शामिल था। अधिकारियों ने हमले में संपत्ति को हुए नुकसान का आकलन भी शुरू किया है।
इस घटना के बाद कई देशों ने सऊदी अरब को निशाना बनाए जाने की निंदा करते हुए उसके साथ एकजुटता जताई।
6 और 7 अक्टूबर को भी हुए थे हमले
GACA के अनुसार, इससे पहले 6 और 7 अक्टूबर को किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और अभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाकर हमले किए गए थे। इन घटनाओं में तीन लोगों की मौत और 36 लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई थी। लगातार हो रहे हमलों के बीच पश्चिम एशिया में सुरक्षा की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है। अमेरिका की ओर से हूतियों के खिलाफ संभावित कार्रवाई पर फैसला आने के बाद क्षेत्रीय हालात पर इसका असर पड़ सकता है।
