Delhi Protest News: दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘जंतर-मंतर 2.0’ प्रदर्शन से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। शनिवार को कनॉट प्लेस इलाके में दिल्ली पुलिस ने फ्लैग मार्च किया और जनपथ के पास प्रदर्शन कर रहे कई लोगों को हिरासत में लिया। प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग उठाई जा रही है। पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है।
दिल्ली में 35 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बल तैनात
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में 35 हजार से अधिक दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए गए हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों के तहत सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF), बॉडी कैमरों से लैस पुलिसकर्मियों और महिला पुलिस की विशेष ‘पिंक फोर्स’ को भी तैनात किया गया है। इसके अलावा, दिल्ली मेट्रो के 57 स्टेशन गेट बंद किए जाने की जानकारी सामने आई है। नई दिल्ली इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है।
नोएडा में भी 20 अक्टूबर तक धारा 163 लागू
दिल्ली से सटे गौतम बुद्ध नगर यानी नोएडा में भी 20 अक्टूबर तक धारा 163 लागू की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, त्योहारों, परीक्षाओं और किसान संगठनों या राजनीतिक समूहों के संभावित प्रदर्शनों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। दिल्ली-नोएडा सीमा पर भी जांच सख्त कर दी गई है। पुलिस दोनों राज्यों की सीमाओं पर आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रख रही है।
प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के निर्देश
दिल्ली पुलिस ने पूर्व में हुई हिंसा की घटनाओं का हवाला देते हुए CJP के प्रदर्शन को अनुमति देने से इनकार किया था। पुलिस ने प्रदर्शन में शामिल होने की कोशिश करने वाले लोगों को हिरासत में लेने के निर्देश दिए हैं। प्रदर्शनकारियों को रखने के लिए छत्रसाल स्टेडियम और राजीव गांधी स्टेडियम समेत छह स्टेडियमों और सामुदायिक केंद्रों को अस्थायी होल्डिंग सेंटर के रूप में निर्धारित किए जाने की जानकारी दी गई है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के जवानों को आग्नेयास्त्र नहीं ले जाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, पुलिसकर्मियों को लाठी के साथ तैनात रहने और प्रदर्शनकारियों से मौखिक विवाद से बचने को कहा गया है।
अभिजीत दीपके ने पीएम मोदी पर लगाए आरोप
दिल्ली रवाना होने से पहले CJP कार्यकर्ता अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं से डर रही है और राजधानी में आपातकाल जैसे हालात बनाए जा रहे हैं। दीपके ने मेट्रो, रेल और सड़कों पर पाबंदियों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत उन्हें शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार है। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली पहुंचने पर हिरासत में लिए जाने की आशंका से उन्हें डर नहीं है। ये दीपके के अपने आरोप और बयान हैं।
‘वोट चोरी’ और SIR को लेकर बढ़ा विवाद
CJP के प्रदर्शन का संबंध मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित ‘वोट चोरी’ को लेकर विपक्ष तथा चुनाव आयोग के बीच जारी विवाद से है। इससे पहले INDIA गठबंधन के नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन सौंपकर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे, SIR प्रक्रिया रोकने और पेपर बैलेट से चुनाव कराने की मांग की थी। दिल्ली में सुरक्षा के व्यापक इंतजामों के बीच प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक टकराव और बढ़ने के आसार हैं।
