Swami prasad maurya on India alliance

Swami Prasad Maurya on India Alliance इंडिया गठबंधन में एंटी अखिलेश मौर्य की होगी एंट्री, क्या सपा-कांग्रेस में सीटों पर फंसेगा पेंच?

डेस्क : Swami Prasad Maurya on India Alliance उत्तर प्रदेश की सियासत में कुछ भी घटित होता है, उस पर सभी की निगाहें टिकी रहती हैं. आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राज्य में राजनीतिक हलचल तेज होती जा रही हैं. इस बीच राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य की राहुल गांधी और प्रियका गांधी से मुलाकात की चर्चा तेज है. हालांकि, कांग्रेस में विलय पर मौर्य ने कुछ भी साफ नहीं किया. उनका कहना है कि, यूपी चुनाव में गठबंधन के साथ मिलकर चुनाव लड़ने और बीजेपी को हराने पर बात हुई

अराधना मिश्रा के बयान ने बढ़ाया सस्पेंस Swami Prasad Maurya on India Alliance

यूपी कांग्रेस की नई मुखिया अराधना मिश्रा मोना के बयान से सस्पेंस बरकरार है. वहीं, स्वामी प्रसाद मौर्य कह रहे हैं कि वह इंडिया अलायंस का हिस्सा बनने जा रहे हैं, लेकिन इसपर मामला साफ नहीं दिख रहा है. वहीं, आराधना मिश्रा ने कहा कि अगर कोई अपनी विचारधार को लेकर किसी से मिलता है तो इसमें क्या ही बुरा है. लेकिन गठबंधन में कौन रहेगा या नहीं रहेगा इसपर अंतिम फैसला तो गठबंधन के सहयोगी दलों के सभी नेता मिलकर ही लेंगे.

कांग्रेस से अलायंस, लेकिन अखिलेश पर गुस्सा

बता दें कि, स्वामी प्रसाद मौर्य एक तरफ कह रहे हैं कि, वे इंडिया गठबंधन का हिस्सा बनने जा रहे हैं, लेतिन दूसरी तरफ उनकी अखिलेश यादव से नहीं बन रही है. 2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी में रहकर चुनाव लड़ने वाले स्वामी जब से अखिलेश से अलग हुए हैं तब से वह उनपर भड़कते देखे जाते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर कांग्रेस स्वामी प्रसाद को अपने साथ लेती भी है तो क्या वह अपने कोटे की सीटों में कुछ उन्हें देगी. इस बीच अभी तक कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीटों के लेकर पेंच फंसा हुआ है.

यूपी सरकार पर भड़के मौर्य

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मुलाकात के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा- ‘आज देश को बचाने के लिए विपक्षी दलों का एक मंच पर आना जरूरी है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी की गलत नीतियों से देश परेशान है. सरकारी नौकरियां खत्म हो रही हैं और बेरोजगारी बढ़ रही है. दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों के आरक्षण पर असर पड़ रहा है. देश में महंगाई, गरीबी और लाचारी बनी हुई है.

सीटों के बंटवारे पर मौर्य ने बताया कि यह केवल पहली बैठक थी. पहली ही मुलाकात में सब कुछ तय नहीं होता. सीटों की संख्या पर पार्टी के भीतर और इंडिया अलायंस

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