दिनेश आर्य कौन हैं? BJP ने उत्तराखंड से राज्यसभा के लिए क्यों चुना, ABVP से शुरू हुआ सियासी सफर यहां जानिए

Dinesh Arya Political Profile: BJP ने उत्तराखंड से राज्यसभा उम्मीदवार के तौर पर दिनेश आर्य के नाम का ऐलान किया है। पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने रविवार, 4 अक्टूबर को उनके नाम पर मुहर लगाई। उत्तराखंड की एक राज्यसभा सीट के लिए 16 अक्टूबर को चुनाव होना है।

नैनीताल से ताल्लुक रखने वाले दिनेश आर्य लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी के संगठन में सक्रिय रहे हैं। संगठन के अलग-अलग स्तरों पर जिम्मेदारियां निभाने के बाद वह वर्तमान में उत्तराखंड सरकार की राज्य स्तरीय पेयजल अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष हैं। उन्हें राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त है।

ABVP से शुरू हुई राजनीति

दिनेश आर्य ने राजनीति की शुरुआत छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी ABVP से की थी। उपलब्ध प्रोफाइल के अनुसार, उन्होंने 1985 में नैनीताल में ABVP की सदस्यता ली।संगठन में सक्रिय भूमिका निभाते हुए 1986 में उन्हें ABVP का नैनीताल जिला संयोजक बनाया गया। वह 1988 तक इस पद पर रहे। इसके बाद उनका राजनीतिक जुड़ाव BJP के संगठनात्मक ढांचे से बढ़ता गया।1988 से 1991 के बीच उन्होंने नैनीताल जिला युवा मोर्चा में मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। आगे चलकर अनुसूचित मोर्चा और युवा मोर्चा में भी उन्हें कई अहम संगठनात्मक जिम्मेदारियां मिलीं।

BJP में बढ़ती गई संगठनात्मक भूमिका

दिनेश आर्य ने BJP में लंबे समय तक संगठन के स्तर पर काम किया। 1992 से 1995 तक वह नैनीताल जिला अनुसूचित मोर्चा के अध्यक्ष रहे।इसके बाद 1996 से 1998 तक उन्होंने प्रदेश युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष के तौर पर जिम्मेदारी निभाई। वहीं 2001 से 2002 के बीच वह प्रदेश अनुसूचित मोर्चा के महामंत्री रहे।पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी में भी उनकी भूमिका रही। इसके बाद 2007 से 2010 तक उन्होंने BJP नैनीताल के जिला अध्यक्ष के रूप में संगठन का नेतृत्व किया।

राष्ट्रीय राजनीति में भी मिली जिम्मेदारी

दिनेश आर्य का संगठनात्मक अनुभव सिर्फ उत्तराखंड तक सीमित नहीं रहा। 2017 से 2021 के बीच उन्होंने BJP अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी संभाली।इस दौरान उन्हें पंजाब का प्रभारी भी बनाया गया था। इस भूमिका के जरिए उन्हें उत्तराखंड से बाहर पार्टी संगठन के साथ काम करने का अनुभव मिला।

पुष्कर सिंह धामी से भी जुड़ी रही जिम्मेदारी

2021 में दिनेश आर्य को तत्कालीन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से जुड़ी जनसंपर्क संबंधी जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बाद 2023 से वह उत्तराखंड सरकार की राज्य स्तरीय पेयजल अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष के पद पर हैं।यह पद राज्य मंत्री के दर्जे वाला है और इसी जिम्मेदारी के दौरान भी वह प्रदेश की राजनीति में सक्रिय रहे।

नैनीताल विधानसभा सीट से भी कर चुके हैं दावेदारी

राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने से पहले दिनेश आर्य का नाम विधानसभा चुनाव को लेकर भी चर्चा में रहा था। 2022 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने नैनीताल विधानसभा सीट से BJP के टिकट के लिए दावेदारी की थी।हालांकि विधानसभा चुनाव में उन्हें पार्टी का टिकट नहीं मिला। अब BJP ने उन्हें राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाकर संगठन और प्रदेश की राजनीति में एक नई भूमिका के लिए आगे किया है।

नरेश बंसल का कार्यकाल खत्म होने पर खाली हो रही सीट

उत्तराखंड की जिस राज्यसभा सीट के लिए दिनेश आर्य को उम्मीदवार बनाया गया है, वह मौजूदा राज्यसभा सदस्य नरेश बंसल का कार्यकाल पूरा होने के कारण खाली हो रही है। नरेश बंसल का कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है।BJP ने अब इस सीट के लिए दिनेश आर्य के नाम का ऐलान कर दिया है। ऐसे में उनका दशकों लंबा संगठनात्मक अनुभव इस चुनाव में पार्टी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

16 अक्टूबर को होगा राज्यसभा चुनाव

उत्तराखंड के अलावा उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में भी राज्यसभा की सीटों के लिए 16 अक्टूबर को चुनाव होना है। इन राज्यों में कुल 12 राज्यसभा सीटों के लिए मतदान और मतगणना की प्रक्रिया होगी।उत्तराखंड की एक सीट पर BJP ने दिनेश आर्य को अपना उम्मीदवार बनाया है। उम्मीदवार के नाम के ऐलान के साथ ही इस सीट के चुनाव की तस्वीर भी साफ हो गई है। अब नामांकन समेत चुनावी प्रक्रिया की अन्य औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।

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