नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग (Supreme court on Election Commission) से तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिह्न घास और फूल पर छिड़े विवाद को लेकर जल्द निर्णय लेने की बात कही है. चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने सुनवाई के दौरान नाराजगी जाहिर करते हुए आयोग से सवाल किया कि, आखिर फैसला करने में कितना समय लगेगा. कोर्ट ने आयोग से कहा कि वह सोमवार तक बताए कि, इस विवाद का अंतिम फैसला कब तक किया जा सकता है. बात सिर्फ तारीख बताने की नहीं है.
कोर्ट ने कहा जल्द हो फैसला
अदालत ने साफ संकेत दिया कि फैसला जल्द होना चाहिए. उपचुनाव की प्रक्रिया चल रही है. दोनों गुट खुद को असली तृणमूल कांग्रेस बता रहे हैं. ऐसे में पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न फ्रीज होने से मामला और उलझ गया है. इसी सुनवाई में शिवसेना विवाद का भी जिक्र आया. जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने जब देरी की बात सुनी तो उन्होंने कहा कि हमने शिवसेना मामले में देरी का प्रभाव देखा है.Supreme court on Election Commission
ममता का चुनाव चिह्न फ्रीज कर दिया था
बता दें कि, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की संस्थापक ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के 17 सितंबर के अंतरिम आदेश को चुनौती दी है. आयोग ने घास-फूल वाला मूल नाम और चुनाव चिह्न फिलहाल फ्रीज कर दिया था. इसके बाद ममता गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और फुटबॉल खिलाड़ी वाला चिह्न दिया गया.
दूसरे गुट को मिला अलग चुनाव चिह्न
वहीं ऋतब्रत बनर्जी गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और लिफाफा चिह्न मिला. यह व्यवस्था पश्चिम बंगाल में होने वाले उपचुनावों के लिए की गई है. इन चुनावों में नंदीग्राम और रेजीनगर भी शामिल हैं. ममता गुट की ओर से कपिल सिब्बल ने जल्द अंतिम फैसला कराने की मांग रखी. अब अदालत ने आयोग से समयसीमा बताने को कहा है.
