Election in Russia 2026: संसदीय चुनाव में पुतिन का धमाकेदार प्रदर्शन, पार्टी ऐतिहासिक जीत की ओर

एजेंसी: रूस के संसदीय चुनाव (Election in Russia) में एक बार फिर साबित हो गया कि, व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) की लोकप्रियत का कोई मुकाबला नहीं है. उनकी पार्टी “यूनाइटेड रशिया” ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एतिहासिक जीत दर्ज की है. इस चुनाव में पार्टी को करीब 58 फीसदी वोट मिले हैं. चुनाव में वास्तविक विपक्ष की मौजूदगी बेहद सीमित रही. सरकारी एजेंसियों के मुताबिक, केंद्रीय चुनाव आयोग के आंकड़ों के हवाले से बताया कि, करीब 90 प्रतिशत मतों की गिनती पूरी होने तक “यूनाइटेड रशिया” को लगभग 58 प्रतिशत वोट मिले. दूसरी तरफ, कम्युनिस्ट पार्टी करीब 13.84 प्रतिशत वोट के साथ दूसरे स्थान पर रही, वहीं, राष्ट्रवादी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी को 8.9 प्रतिशत वोट मिले. गौरतलब है कि, संसदीय चुनाव के दौरान साइबर हमले और यूक्रेन की तरफ से कई घातक ड्रोन हमले भी हुए.

शानदार प्रदर्शन

पुतिन की पार्टी “यूनाइटेड रशिया”  साल 2003 से संसद के निचले सदन स्टेट ड्यूमा में बहुमत बनाए हुए है. वर्तमान में आए नतीजों के आधार पर उसके पिछली संसद की तरह फिर से संवैधानिक बहुमत यानी दो-तिहाई से अधिक सीटें हासिल करने की संभावना है. ‘स्टेट ड्यूमा’ में कुल 450 सीटें हैं. इनमें से आधी सीटें पार्टी की लिस्ट के आधार पर और बाकी आधी सीटों पर एकल निर्वाचन क्षेत्रों में सीधे मुकाबले के जरिए चुनी जाती हैं. चुनाव आयोग के मुताबिक, मतदान प्रतिशत करीब 57 फीसदी रहा, जो 2021 के पिछले संसदीय चुनाव की तुलना में अधिक है.

 

न्यू पीपल्स की संसद में हो सकती है एंट्री

कारोबारी हितों की समर्थक पार्टी के रूप में पहचान बनाने वाली “न्यू पीपल्स” को करीब 7.94 फीसदी वोट मिले. इस प्रदर्शन को देखते हुए उसके भी संसद में लौटने की पूरी संभावना है. वहीं, वामपंथी पार्टी “ए जस्ट रशिया” को मॉस्को समयानुसार सुबह 8 बजे तक 4.95 फीसदी वोट मिले थे. संसद में एंट्री के लिए जरूरी 5 फीसदी सीमा के बेहद करीब होने के कारण उस समय यह स्पष्ट नहीं था कि पार्टी ड्यूमा में जगह बना पाएगी या नहीं.

 

पुतिन को मिला सभी का समर्थन

ये गौर करने वाली बात है कि, चुनाव में शामिल सभी पार्टियों ने यूक्रेन युद्ध को लेकर पुतिन का खुलकर समर्थन किया. रूस सरकार इसे युद्ध ने कहकर “विशेष सैन्य अभियान” कहती है. इन पार्टियों ने राष्ट्रपति की घरेलू नीतियों की भी सराहना की. उदारवादी याब्लोको पार्टी ने जब “शांति और स्वतंत्रता” के मुद्दे पर चुनाव प्रचार करने का ऐलान किया, तो उसे पिछले महीने स्टेट ड्यूमा की पार्टी सूची से बाहर कर दिया गया.

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