राजस्थान और हरियाणा के बीच ऐतिहासिक यमुना जल समझौते YAMUNA JAL MoA पर मुहर लग गई है…केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी में दिल्ली में इस ऐतिहासिक MoA पर हस्ताक्षर हुए हैं…समझौते के दौरान केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल और दोनों राज्यों के आला अधिकारी मौजूद रहे….समझौत के बाद दोनोें3राज्यों के बीच 32 साल से चल रहे जल विवाद का अंत हो गया है…समझौते में राजस्थान को उसके हिस्से का पूरा पानी मिलेगा…
समझौते के तहत जुलाई से अक्टूबर तक लगभग 580 एमसीएम पानी यमुना नहर से तीन भूमिगत पाइप लाइनों के जरिये राजस्थान तक पहुंचाया जाएगा। इन तीन पाइप लाइनों का व्यास 3.6 मीटर से भी अधिक होगा, जिनके माध्यम से राजस्थान और हरियाणा राज्यों के लोगों के लिए पेयजल की व्यवस्था होगी।
‘समझौता दोनों राज्यों के लिए विन-विन सिचुएशन’
समझौते के बाद गृहमंत्यरी अमित शाह ने कहा कि- समझौता दोनों राज्यों के लिए विन-विन सिचुएशन का अच्छा उदाहरण है। समझौते में वित्तीय जिम्मेदारी, लागत साझीकरण, जल आवंटन और जल छोड़ने के प्रोटोकाल के साथ रखरखाव का बारीकी से ध्यान रखा गया है
शेखावाटी की बुझेगी प्यास
समझौते के बाद राजस्थान के सीकर, चूरू और झुंझुनू के साथ-साथ हरियाणा के भिवानी और फतेहाबाद क्षेत्रों में भी पीने का पानी पहुंचाने की व्यवस्था हो जाएगी। शेखावाट के लोगों को लंबे समय से यमुना जल के पानी का इंतजार था…किसानों और स्थानीय लोगों ने समझौते को भजनलाल सरकार की बड़ी कामयाबी बताया है
पाइपलाइन से आएगा यमुना का पानी
परियोजना का उद्देश्य पश्चिमी यमुना नहर से भूमिगत पाइपलाइन के जरिये राजस्थान के हिस्से का यमुना का पानी पहुंचाना है। इससे राज्य, अपर यमुना बेसिन के इस्तेमाल लायक सतही पानी के बंटवारे पर 1994 के समझौते के तहत मिले पानी का सही तरीके से इस्तेमाल कर पाएगा। इस परियोजना से राजस्थान के सूखे और कम बारिश वाले इलाकों में पीने के पानी की निरंतर आपूर्ति होगी और सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। एमओयू के अंतर्गत हरियाणा में जुलाई और अक्टूबर के बीच जो वर्षा का सरप्लस पानी होता है, राजस्थान उसे पाइपलाइन के माध्यम से ले जाकर पेयजल के लिए उपयोग किया जाएगा ..इस परियोजना के अंतर्गत हथनीकुंड बैराज से राजस्थान तक पाइपलाइन बिछाई जाएगी और सरप्लस पानी का इस्तेमाल किया जाएगा। बैठक में हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी समेत राजस्थान व केंद्र सरकार के अधिकारी मौजूद रहे।
