कांग्रेस के कद्दावर नेता दिग्विजय सिंह क्या राजनीति छोड़ने वाले हैं?

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के कद्दावर नेता दिग्विजय सिंह क्या राजनीति छोड़ने वाले हैं.

मध्य प्रदेश कांग्रेस में एक बड़ा कद रखने वाले दिग्विजय सिंह (Veteran Congress leader Digvijaya Singh) ने राजनीति से संन्यास का ऐलान कर दिया.. अब सवाल उठता है कि उनके एक बयान से जिसमें उन्होंने कहा है कि अब वो कोई भी राजनीति बयानबाजी नहीं करेंगे. उन्होंने कहा है कि वो 80 साल के हो चुके हैं और अब वो अपना तमाम जीवन धर्म की रक्षा के लिए समर्पित करेंगे. उनके इस बयान पर विपक्षी पार्टियों को भी भरोसा नहीं हो रहा है.

राजनीति के दिग्गज पुरोधा यानी दिग्विजय सिंब अब राजनीति नहीं करेंगे. मध्य प्रदेश में कांग्रेस की राजनीति के पथप्रदर्शक रहे दिग्विजय सिंह अब राजनीति नहीं करेंगे. कांग्रेस के कद्दावर नेता दिग्विजय सिंह अब किसी भी पार्टी का झंडा नहीं उठाएंगे, ना ही किसी राजनीतिक मुद्दे पर बयान देंगे. वो अब आखिरी सांस तक धर्म की रक्षा के लिए काम करेंगे. ये बयान खुद दिग्विजय सिंह ने दिया है.

अब सवाल ये उठता है कि- क्या दिग्विजय सिंह अब राजनीति से संन्यास ले चुके हैं. क्या वो राजनीति छोड़कर अब धर्म के लिए अपना जीवन समर्पित करने जा रहे हैं. दिग्विजय सिंह के बयान पर भरोसा करें तो वो अब अपने जीवन का बाकी बचा समय सिर्फ और सिर्फ धर्म की रक्षा के लिए लगाएंगे और आखिरी सांस तक धर्म की रक्षा के लिए लड़ेंगे.

दिग्विजय सिंह ने ये तमाम दावे खुद किए है. लेकिन उनके इन बयानों पर यकीन करना मुश्किल हो रहा है. दिग्विजय सिंह भले ही कह रहे हैं कि वो अब 80 साल के हो चुके हैं. लेकिन उनकी सक्रियता किसी भी युवा नेता से कम नहीं है. लंबे समय तक दिग्विजय सिंह मध्य प्रदेश कांग्रेस की धुरी हुआ करते थे. शायद यही वजह है कि विपक्षी पार्टी बीजेपी को भी उनके बयान पर भरोसा नहीं हो रहा है.

दिग्विजय सिंह का ये बयान की अब वो राजनीति नहीं सिर्फ धर्म की रक्षा करेंगे. हर किसी को हैरान करने वाला है. दिग्गी राजा खांटी राजनीतिज्ञ रहे हैं. अब उनके बयान का मतलब वही है, जो सीधे तौर पर समझा जा सकता है या ये धर्म की राजनीति और राजनीति के धर्म वाला कोई नया खेल. इसका जवाब तो सिर्फ और सिर्फ दिग्विजय सिंह ही दे सकते हैं. क्यों कि अभी हाल ही में तो उन्होंने दतिया विधानसभा चुपचुनाव में दम दिखाया था. मुख्य चुनाव आयुक्त के महाकाल दर्शन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी की थी और अब अचानक कह रहे हैं कि सिर्फ धर्म के लिए जीएंगे.