Abhijeet dipke on Arrest cjp leaders

Abhijeet Dipke on CJP Leaders: सौरव-आशुतोष की गिरफ्तारी पर दिपके भड़के, कहा-“अब तिरंगा लहराना अपराध है”

नई दिल्ली:  Abhijeet Dipke on CJP Leaders  कॉकरोच जनता पार्टी के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका की मुश्किलें बढ़ गई हैं. बुधवार को दोनों को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. बता दें कि, अब उन्हें तिहाड़ जेल भेजने की तैयारी है. वहीं, इस गिरफ्तारी पर सीजेपी चीफ अभिजीत दिपके की भी प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा कि, ‘क्या तिरंगा लहराना अपराध है’. इस पर कांग्रेस सांसद ने भी दिपके का समर्थन किया है.

दिपके ने राहुल गांधी को कहा थैंक्स

दिपके ने भी राहुल गांधी का धन्यवाद भी किया है. बता दें कि, महाराष्ट्र स्थित नागपुर से दिल्ली लौट रहे दीपके ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और रायबरेली सांसद राहुल गांधी, आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल, तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के ट्वीट्स को रीपोस्ट कर थैंक्स कहा है.

दिपक ने वीडियो जारी किया

इसके साथ ही एक अन्य वीडियो पोस्ट में दीपके ने लिखा कि क्या राष्ट्रीय ध्वज लहराना अब अपराध है? 45 सेकेंड के वीडियो में दीपके ने कहा कि सौरव और आशुतोष को आज ज्यूडिशियल कस्टडी में भेजा गया. इन दोनों को पता था कि जंतर मंतर जाने पर उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है. मौजूदा सरकार में तिरंगा लहराना भी अपराध हो गया है.


राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधा

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान तिरंगा लहराने को अपराध मानने और इसके लिए युवाओं को जेल भेजने पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में तिरंगा लहराना कोई अपराध नहीं है और इसके लिए युवाओं को जेल में डालना कायरता का काम है. राहुल गांधी ने अपने संदेश में छात्रों, युवाओं, पत्रकारों और INDIA गठबंधन का उल्लेख करते हुए कहा कि अलग-अलग बैनर होने के बावजूद सभी की मांग एक है. नागरिक अपने संवैधानिक अधिकारों की मांग कर रहे हैं. उन्होंने जंतर-मंतर को भारत के लोगों का स्थान बताते हुए कहा कि इसे जनता के लिए फिर से हासिल किया जाएगा.

सीजेपी नेताओं पर कार्रवाई

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP और विपक्ष से जुड़े समूह लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. इस आंदोलन में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं. विपक्षी दलों और प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की प्रक्रिया पर आपत्ति जताई है.

जंतर मंतर पर पहुंचे थे प्रदर्शन करने

विवाद उस समय बढ़ा, जब दिल्ली पुलिस ने 11 अक्टूबर को जारी आदेश के तहत जंतर-मंतर रोड को अधिकृत प्रदर्शन स्थल के दर्जे से हटा दिया. इसके बाद रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबीडी ग्राउंड को प्रदर्शन के लिए वैकल्पिक स्थानों के रूप में चिह्नित किया गया.

मंगलवार, 13 अक्टूबर को CJP के नेता सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे अपने कुछ समर्थकों के साथ जंतर-मंतर पहुंचे. उन्होंने बंद गेट और बैरिकेड पार कर प्रदर्शन स्थल में प्रवेश किया. इस दौरान तिरंगा लहराया गया और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नारे लगाए गए. इसके बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया.

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