Motihari Raid: बिहार के मोतिहारी में रियल एस्टेट कारोबारी के घर हुई पुलिस की छापेमारी में नकदी, हथियार और जमीन से जुड़े दस्तावेज मिलने का मामला सामने आया है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 27 लाख रुपये नकद, दो पिस्टल, दो राइफल, 100 से ज्यादा कारतूस और विदेशी ब्रांड की छह बोतल शराब बरामद की। मौके से कारोबारी के बेटे साहिल शर्मा को गिरफ्तार किया गया है।
यह कार्रवाई पूर्वी चंपारण जिले के छतौनी थाना क्षेत्र में की गई। पुलिस के मुताबिक, तलाशी के दौरान जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़े 65 से अधिक रजिस्ट्री डीड के दस्तावेज भी मिले हैं। अब पुलिस बरामद सामान और दस्तावेजों की जांच कर रही है।
पांच थानों की पुलिस ने मिलकर चलाया अभियान
कारोबारी के आवास पर देर रात की गई इस कार्रवाई में पांच थानों की पुलिस टीम शामिल रही। जानकारी के मुताबिक, तीन अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों के नेतृत्व में टीम ने छापेमारी की। मोतिहारी के एसपी स्वर्ण प्रभात ने सोशल मीडिया के जरिए कार्रवाई की जानकारी साझा की। छापेमारी के दौरान पुलिस को नकदी और हथियारों के अलावा बड़ी संख्या में कारतूस तथा शराब की बोतलें मिलीं। जमीन से जुड़े दस्तावेजों की बरामदगी भी जांच का अहम हिस्सा है। पुलिस इन सभी चीजों के स्रोत और उनके इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
15 करोड़ रुपये से ज्यादा की जमीन से जुड़े दस्तावेज मिलने की बात
पुलिस के अनुसार, बरामद रजिस्ट्री डीड और अन्य कागजात में शामिल जमीन का अनुमानित मूल्य 15 करोड़ रुपये से अधिक बताया जा रहा है। इन दस्तावेजों के आधार पर जमीन की खरीद-बिक्री और संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा सकती है। स्थानीय स्तर पर जमीन के मूल्यांकन को लेकर भी सवाल उठने की चर्चा है। हालांकि, जमीन की कीमत, कथित कम मूल्यांकन और इससे जुड़े किसी संभावित उल्लंघन पर विस्तृत आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। इसलिए इन पहलुओं पर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही निकाला जा सकेगा।
कारोबारी नहीं मिला, बेटे को पुलिस ने पकड़ा
पुलिस की छापेमारी के समय रियल एस्टेट कारोबारी राकेश शर्मा अपने घर पर मौजूद नहीं था। कार्रवाई के दौरान उसके बेटे साहिल शर्मा को गिरफ्तार किया गया। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी दी गई है। पुलिस को कारोबारी के रियल एस्टेट कारोबार के बिहार से लेकर नेपाल तक फैले होने की जानकारी मिलने की बात भी सामने आई है। हालांकि, कारोबार के दायरे और छापेमारी के आधार से जुड़े सभी विवरणों की पुष्टि आधिकारिक बयान से की जानी चाहिए।
मोबाइल फोन की जांच को लेकर भी चर्चा
छापेमारी के बाद कारोबारी के मोबाइल फोन की जांच को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चाएं चल रही हैं। कुछ दावों में पुलिस अधिकारियों के साथ कारोबारी के कथित संपर्कों का जिक्र किया जा रहा है। लेकिन अब तक उपलब्ध जानकारी में इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। किसी अधिकारी की संलिप्तता को लेकर निष्कर्ष निकालना अभी जल्दबाजी होगी। मोबाइल फोन की जांच से क्या सामने आया और पुलिस इस मामले में आगे क्या कदम उठाती है, इसकी जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
