Azam Khan News: आजम खान से जेल में ED की पूछताछ, जौहर ट्रस्ट के पैसों की जांच में क्या सामने आया?

Azam Khan Money Laundering Case: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से जुड़े जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के वित्तीय लेनदेन की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर रही है। इसी सिलसिले में मंगलवार, 13 अक्टूबर को एजेंसी की लखनऊ जोन की टीम रामपुर जिला जेल पहुंची और आजम खान से पूछताछ की। रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने उनका बयान भी दर्ज किया।जांच एजेंसी का संदेह सरकारी ठेकों से जुड़े कुछ वित्तीय लेनदेन को लेकर है। ED यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ठेकेदारों से जुड़ी रकम कथित तौर पर जौहर ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी तक कैसे पहुंची और उसका इस्तेमाल किन कामों में किया गया।

सरकारी ठेकों से ट्रस्ट तक पैसे पहुंचने की जांच

ED की जांच में कुछ ठेकेदारों और जौहर ट्रस्ट के बीच हुए कथित वित्तीय लेनदेन को शामिल किया गया है। एजेंसी के अनुसार, सरकारी ठेके हासिल करने वाले कुछ ठेकेदारों ने कथित तौर पर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ी गतिविधियों में रकम लगाई थी। जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि ट्रस्ट को मिले कथित दान और निर्माण कार्यों में खर्च की गई रकम का स्रोत क्या था। एजेंसी संबंधित दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पैसों के लेनदेन की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

अगस्त में 10 ठिकानों पर पहुंची थी ED की टीम

जौहर ट्रस्ट से जुड़े मामले में ED इससे पहले 19 अगस्त को उत्तर प्रदेश और दिल्ली में 10 ठिकानों पर तलाशी ले चुकी है। रिपोर्ट के अनुसार, तलाशी अभियान में रामपुर और सहारनपुर के साथ दिल्ली स्थित कुछ परिसर भी शामिल थे। इनमें ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े ठिकानों की भी जांच की गई थी। अब जेल में आजम खान से पूछताछ को इसी मामले की आगे की कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है। एजेंसी की कोशिश यह समझने की है कि कथित वित्तीय लेनदेन के पीछे क्या परिस्थितियां थीं और अलग-अलग पक्षों के बीच पैसों का प्रवाह किस तरह हुआ।

2006 में हुई थी जौहर यूनिवर्सिटी की स्थापना

मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश के रामपुर में स्थित निजी विश्वविद्यालय है। इसकी स्थापना 2006 में आजम खान ने की थी। विश्वविद्यालय और इससे जुड़े ट्रस्ट के वित्तीय लेनदेन अब ED की जांच के दायरे में हैं। एजेंसी सरकारी ठेकों से जुड़े धन, कथित दान और निर्माण कार्यों में रकम के इस्तेमाल के बीच संबंधों की पड़ताल कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि उपलब्ध दस्तावेज और अन्य साक्ष्य किस तरह की कानूनी कार्रवाई का आधार बनते हैं।

दूसरे मामलों में भी जेल में हैं आजम खान

आजम खान रामपुर जिला जेल में बंद हैं। ANI की रिपोर्ट में उन्हें फर्जीवाड़े से जुड़े एक मामले में दोषसिद्धि के बाद जेल में रखे जाने का उल्लेख है। रिपोर्ट में 2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान सरकारी अधिकारियों के संबंध में की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में दो साल की सजा का भी जिक्र है। आजम खान रामपुर सदर सीट से 10 बार विधायक रह चुके हैं और उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। वह समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं।

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