Jantar Mantar Protest

Delhi Protest: अखिलेश यादव बोले- युवाओं को रोकना BJP सरकार की बड़ी भूल होगी, देशभर में उठेगी आवाज

Delhi News: दिल्ली में 10 अक्टूबर को प्रस्तावित ‘जंतर-मंतर 2.0’ प्रदर्शन को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को कहा कि केंद्र सरकार अगर ताकत के दम पर लोगों की आवाज दबाने की कोशिश करती है, तो यह उसकी और बड़ी भूल साबित होगी। उन्होंने कहा कि तमाम बाधाओं के बावजूद देश के युवा दिल्ली में एकजुट होंगे।

जंतर-मंतर अब नई चेतना और जागरण का प्रतीक
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया। उन्होंने लिखा कि देश की युवा ऊर्जा के साथ समाजवादी पार्टी खड़ी है। अखिलेश के मुताबिक, जंतर-मंतर अब केवल एक जगह का नाम नहीं, बल्कि नई चेतना और जागरण का प्रतीक बन गया है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार प्रदर्शनकारियों को रोकती है, तो देश के दूसरे हिस्सों में भी जंतर-मंतर जैसे विरोध के केंद्र उभर सकते हैं।

SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग
‘जंतर-मंतर 2.0’ प्रदर्शन का आयोजन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से किया जा रहा है। प्रदर्शन में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जवाबदेही तय करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग उठाई जा रही है। इस प्रदर्शन में कई छात्र संगठनों और राजनीतिक समूहों के शामिल होने की संभावना जताई गई है।

दिल्ली में 35 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात
प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 35 हजार से अधिक जवान तैनात किए गए हैं। केंद्र सरकार की ओर से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए जाने की भी जानकारी सामने आई है। शनिवार सुबह कनॉट प्लेस इलाके में जनपथ के पास कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की खबर है। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर राजधानी के कई हिस्सों में आवाजाही पर प्रतिबंध लगाए जाने की भी जानकारी दी गई है।

जनपथ-कर्तव्य पथ के आसपास मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित
एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, केंद्रीय गृह सचिव की मंजूरी के बाद जनपथ-कर्तव्य पथ चौराहे के चार किलोमीटर के दायरे में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित रखने का फैसला किया गया। यह रोक शुक्रवार रात 10 बजे से शनिवार रात 10 बजे तक के लिए बताई गई है। दिल्ली में सुरक्षा के इन इंतजामों के बीच प्रदर्शन और उससे जुड़े राजनीतिक घटनाक्रम पर सबकी नजरें टिकी हैं।

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