भोपाल: जापान में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में भारतीय निशानेबाज मनीषा कीर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिला ट्रैप टीम इवेंट में सिल्वर मेडल जीता। मनीषा ने नीरू और आशिमा अहलावत के साथ मिलकर भारत को यह पदक दिलाया। बेटी की इस उपलब्धि पर भोपाल में उनके परिवार में खुशी का माहौल है।
मनीषा के पिता कैलाश कीर ने कहा कि उनकी बेटी ने देश, कोच और परिवार का नाम रोशन किया है। उन्होंने बताया कि मनीषा ने साल 2013 में शूटिंग की शुरुआत की थी और भोपाल के बिशनखेड़ी स्थित शूटिंग अकादमी में ट्रेनिंग करती थीं। कैलाश कीर ने ANI से बातचीत में कहा कि मनीषा ने देश, कोच और परिवार को गौरवान्वित किया है। हमारे लिए सबसे बड़ी बात यह है कि उसने देश का नाम रोशन किया। उसने 2013 में इस खेल का सफर शुरू किया था और तब से लगातार पदक जीत रही है।
पहली ही ट्रायल में हुआ था चयन
मनीषा की शूटिंग में एंट्री भी काफी दिलचस्प रही। उनके पिता के मुताबिक, मनीषा की बड़ी बहन सोना वॉटर स्पोर्ट्स से जुड़ी थीं। इसी दौरान बिशनखेड़ी में शूटिंग अकादमी शुरू हुई और वहां एक कोच ने सोना से पूछा कि क्या वह किसी बच्चे को शूटिंग के लिए ला सकती हैं। सोना ने अपनी छोटी बहन मनीषा का नाम सुझाया। मनीषा ने अकादमी में अपना पहला ट्रायल पास कर लिया और इसके बाद उन्होंने नियमित रूप से शूटिंग का प्रशिक्षण लेना शुरू कर दिया।
परिवार ने अपनी कमाई से उठाया शुरुआती खर्च
कैलाश कीर ने बताया कि शूटिंग जैसे महंगे खेल में मनीषा के शुरुआती खर्चों को परिवार ने अपनी कमाई से पूरा किया। उन्होंने बताया कि परिवार मछली पालन से जुड़ा था और उससे होने वाली आमदनी का इस्तेमाल मनीषा की जरूरतों को पूरा करने में किया जाता था। बाद में सरकार की ओर से खिलाड़ियों के बड़े खर्चों की जिम्मेदारी उठाई गई, जबकि परिवार छोटी जरूरतों को पूरा करता रहा।
ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करे बेटी
एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने के बाद अब मनीषा के पिता की नजर ओलंपिक पर है। कैलाश कीर ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी इच्छा है कि उनकी बेटी ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करे। उन्होंने कहा कि हम खुश हैं और आगे भी खुश रहेंगे। उसने देश का नाम रोशन किया है। अब मेरी सिर्फ यही इच्छा है कि वह ओलंपिक में खेले।”
मनीषा के मेडल का था सपना
मनीषा की बड़ी बहन सोना कीर ने भी अपनी बहन की उपलब्धि पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि वह चाहती थीं कि मनीषा एशियन गेम्स में मेडल जीते। सोना ने बताया कि मनीषा के सफर में कोच, माता-पिता और परिवार का लगातार सहयोग रहा। उन्होंने जूनियर, सीनियर और यूथ स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते हुए धीरे-धीरे अपनी पहचान बनाई और अब एशियन गेम्स तक पहुंचीं।
सोना के मुताबिक, करियर के दौरान मनीषा के प्रदर्शन में एक दौर ऐसा भी आया जब उनका फॉर्म थोड़ा नीचे गया, लेकिन लगातार अभ्यास के दम पर उन्होंने मजबूत वापसी की। अब मनीषा का अगला लक्ष्य ओलंपिक की तैयारी करना है। सोना ने कहा कि परिवार को उम्मीद है कि उनकी छोटी बहन देश का प्रतिनिधित्व करते हुए ओलंपिक तक पहुंचेगी।
भारत ने ट्रैप टीम इवेंट में जीता सिल्वर
महिला ट्रैप टीम इवेंट में नीरू, आशिमा अहलावत और मनीषा कीर की भारतीय टीम ने कुल 328 अंक हासिल किए। भारत ने कुवैत से तीन अंक अधिक हासिल किए, जिसने 325 अंकों के साथ कांस्य पदक जीता। चीन ने 346 अंकों के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
