नई दिल्ली: पाकिस्तान में इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के कार्यकर्ताओं, नेताओं और सांसदों की कथित गिरफ्तारियों और हिरासत को लेकर ह्यूमन राइट्स कमीशन ऑफ पाकिस्तान (HRCP) ने चिंता जताई है। HRCP ने सरकार से शांतिपूर्ण तरीके से सभा और प्रदर्शन करने के अधिकार की रक्षा करने तथा राजनीतिक तनाव कम करने के लिए विपक्ष के साथ बातचीत की अपील की है।
HRCP ने क्या कहा?
HRCP ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि PTI के प्रस्तावित विरोध मार्च से पहले बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं, सांसदों और नेताओं की गिरफ्तारी तथा एहतियाती हिरासत की खबरें सामने आ रही हैं। आयोग के मुताबिक, हिरासत में लिए गए लोगों में महिलाएं भी शामिल हैं और कुछ परिवारों ने दावा किया है कि उन्हें अपने रिश्तेदारों के ठिकाने की जानकारी नहीं है। मानवाधिकार संस्था ने कहा कि राज्य की जिम्मेदारी है कि वह सभी नागरिकों के शांतिपूर्ण सभा के अधिकार को बनाए रखे। HRCP ने सामूहिक एहतियाती हिरासत और लोगों की आवाजाही पर लगाई गई पाबंदियों पर भी सवाल उठाए हैं।
सेक्शन 144 और राजनीतिक तनाव पर भी सवाल
HRCP ने बार-बार लगाई जा रही पाबंदियों, जिसमें सेक्शन 144 भी शामिल है, पर आपत्ति जताई। संस्था ने सरकार से विपक्ष के साथ बातचीत के जरिए राजनीतिक तनाव कम करने की अपील की और जिन लोगों को उसने मनमाने तरीके से हिरासत में लिए जाने का आरोप लगाया, उनकी तत्काल रिहाई की मांग की। इससे पहले इस्लामाबाद में PTI के विरोध प्रदर्शन की तैयारी के बीच सेक्शन 144 लागू किया गया था।
रावलपिंडी में गिरफ्तारियों का दावा
पाकिस्तानी अखबार Dawn की रिपोर्ट के मुताबिक, रावलपिंडी में पिछले कुछ दिनों के दौरान PTI के कार्यकर्ताओं और समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई हुई है। रिपोर्ट में PTI के रावलपिंडी जिला अध्यक्ष आमिर अफजल के हवाले से बताया गया कि पार्टी के कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर भक्कर भेजा गया। Dawn ने 26 सितंबर की अपनी रिपोर्ट में यह भी बताया कि रावलपिंडी डिविजन में PTI के मार्च को लेकर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई थी और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की योजना थी।
PTI ने मार्च की तारीख बदली
इस बीच PTI ने इस्लामाबाद की ओर प्रस्तावित मार्च की तारीख बदल दी है। पार्टी के खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने 25 सितंबर को बताया कि 27 सितंबर को प्रस्तावित मार्च अब 4 अक्टूबर को पेशावर से शुरू होगा। मार्च को लेकर पाकिस्तान के अलग-अलग हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी। रावलपिंडी डिविजन में पुलिस तैनाती और बैरिकेडिंग बढ़ाने की भी रिपोर्ट सामने आई है।
PTI कार्यकर्ताओं की हिरासत पर पहले भी उठे सवाल
Dawn ने इससे पहले रिपोर्ट किया था कि रावलपिंडी में 150 PTI कार्यकर्ताओं को 3-MPO के तहत हिरासत में लेकर अलग-अलग जेलों में भेजे जाने की कार्रवाई हुई। यह सब PTI के प्रस्तावित इस्लामाबाद मार्च से पहले हुआ। PTI की ओर से लगातार गिरफ्तारियों और हिरासत का विरोध किया गया है, जबकि प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने और प्रस्तावित प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के कदम उठाए गए हैं।
