नई दिल्ली: Election Commision Meeting स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (SIR) पर मचे घमासान के बीच शनिवार को चुनाव आयोग ने अहम बैठक की. इस बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) और दोनों चुनाव आयुक्त डा. विवेक जोशी और डा. सुखबीर संधू शामिल हुए. इस दौरान चुनाव आयोग ने SIR से जुड़े सभी विवादों पर स्थिति साफ की. यही नहीं, वोटर लिस्ट में छूटे नामों को लेकर आसान नियमों की जानकारी दी. साथ ही, मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि, सभी फैसले सहमति से लिये गये हैं.
SIR के नियम समझाएं
बैठक में चुनाव आयोग ने फैसला किया कि मौजूदा SIR के दौरान जिन मतदाताओं को ‘अनमैप्ड’ या लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी के आधार पर नोटिस मिला है, उन्हें सामान्य तौर पर इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) के सामने व्यक्तिगत रूप से पेश होने की जरूरत नहीं होगी. आयोग के मुताबिक, बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) ऐसे मतदाताओं के घर जाकर जरूरी दस्तावेज जुटाएंगे. इन दस्तावेजों को चुनाव आयोग की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा, जिसके आधार पर ERO आगे फैसला ले सकेंगे.
A meeting of the Election Commission of India was held today, 26 September 2026, at 3:00 PM at Nirvachan Sadan, New Delhi.
Chief Election Commissioner Shri Gyanesh Kumar and Election Commissioners Dr. Sukhbir Singh Sandhu and Dr. Vivek Joshi were present in today’s meeting.… pic.twitter.com/WZoqEIXVJq
— Election Commission of India (@ECISVEEP) September 26, 2026
कैबिनेट सेक्रेटरी की चिट्ठी का जिक्र
आयोग की तरफ से यह भी बताया गया कि कैबिनेट सेक्रेटरी को जो चिट्ठी लिखी गई थी, उसका चुनाव आयोग के पॉलिसी डिसीजन से कोई लेना-देना नहीं था. साथ ही चुनाव आयोग ने कहा कि, SIR के लिए फ़ॉर्म 6 के साथ लगे घोषणा-पत्र को सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया है. SIR-के अलावा बाकी समय के लिए, नियमों (मतदाता पंजीकरण नियम 1960) के अनुसार लागू फॉर्म का इस्तेमाल किया जाएगा.
दिल्ली, महाराष्ट्र में 30 अक्टूबर तक समय सीमा बढ़ी
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुरोध पर आयोग ने दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समयसीमा 30 अक्टूबर तक बढ़ा दी है. इसके अलावा नोटिस, दावे और आपत्तियों के निपटारे की समयसीमा को भी बढ़ाकर 30 नवंबर कर दिया गया है. महाराष्ट्र में दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख 12 अक्टूबर तक बढ़ाई गई है. वहीं, दावे और आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया 10 नवंबर तक जारी रहेगी.
बता दें कि, इंडियन एक्सप्रेस अखबार में छपी एक रिपोर्ट में कहा गया कि, चुनाव आयोग में फैसलों को लेकर आपस में मतभेद हैं. इसके अलावा मुख्य चुनाव आयुक्त मनमर्जी से काम करते हैं. इस खबर के सामने आने के बाद देश में भूचाल आ गया . मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस समेत अन्य पार्टियों ने देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिये.
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