अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे को लेकर उठे विवाद के बाद…अब मध्यप्रदेश में भी मंदिरों की दान व्यवस्था और उसकी पारदर्शिता पर बहस शुरू हो गई है.
Donation system of temples-मध्य प्रदेश कांग्रेस ने प्रदेश के बड़े मंदिरों और धार्मिक परियोजनाओं के ऑडिट की मांग उठाई है. वहीं सरकार का कहना है कि प्रदेश के प्रमुख देवस्थानों पर अब दान व्यवस्था को आधुनिक और पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाएगा. मध्य प्रदेश सरकार अब प्रदेश के प्रमुख मंदिरों में दान और प्रबंधन व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है. महाकाल, ओंकारेश्वर समेत बड़े देवस्थानों पर ऑनलाइन ट्रांसफर और क्यूआर कोड के जरिए दान को बढ़ावा दिया जाएगा. सरकार देश के प्रमुख मंदिरों के प्रबंधन मॉडल का अध्ययन कर रही है. जिसके आधार पर मध्य प्रदेश के मंदिरों के लिए अलग कार्य योजना तैयार की जाएगी. मकसद ये है कि नकद लेनदेन कम हो और दान की पूरी व्यवस्था पारदर्शी और तकनीक आधारित बने.
दान में कथित गड़बड़ी, जिम्मेदार कौन?
इसी बीच ओरछा के रामराजा मंदिर का पुराना मामला फिर चर्चा में आ गया है. वर्ष 2017 में मंदिर के तत्कालीन लिपिक मुन्नालाल तिवारी के खिलाफ दान राशि और आभूषणों में कथित गड़बड़ी को लेकर FIR दर्ज की गई थी. लेकिन करीब 9 साल बाद भी जांच पूरी नहीं हो सकी. अब हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज FIR को निरस्त कर दिया है. इसके बाद ये सवाल फिर उठने लगा है कि अगर अनियमितताएं हुई थीं. तो आखिर उसके लिए जिम्मेदार कौन था और जांच किसी निष्कर्ष तक क्यों नहीं पहुंच सकी…
वहीं संत समाज का कहना है कि मंदिरों की गरिमा और श्रद्धालुओं के विश्वास को बनाए रखने के लिए दान और खर्च की व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए.
बनाए रखें श्रद्धालुओं का विश्वास
दरअसल, यूपी के अयोध्या में राम मंदिर के चंदे में हुए घोटाले के बाद पूरे देश में मंदिरों में आने वाले दान की चर्चा तेज हो गई है. हालांकि सीएम योगी ने इस मामले SIT का गठन कर जांच के बाद दूध का दूध और पानी का पानी करने की बात कही है. बहरहाल आस्था के केंद्र रहे मंदिर अब पारदर्शिता और जवाबदेही की बहस के केंद्र में भी आ गए हैं. सरकार डिजिटल दान व्यवस्था को बढ़ावा देने की तैयारी में है. विपक्ष ऑडिट की मांग कर रहा है, और संत समाज भी पारदर्शी व्यवस्था की पैरवी कर रहा है. ऐसे में आने वाले दिनों में मंदिरों में आने वाले दान और उसके प्रबंधन को लेकर बहस और तेज होना तय माना जा रहा है.
