जल्द ही सुलझ जाएगा सिंधिया राजपरिवार से जुड़ा दशकों पुराना संपत्ति विवाद!

ग्वालियर के सिंधिया राजपरिवार से जुड़ा दशकों पुराना संपत्ति विवाद अब खत्म होने की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है.

Dispute involving Scindia family: ग्वालियर के सिंधिया राजपरिवार से जुड़ा दशकों पुराना संपत्ति विवाद अब जल्दी ही सुलझने वाला है. राज परिवार का सालों का इंतजार अब खत्म होने की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है. केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी बुआओं के बीच अरबों रुपये की पारिवारिक संपत्तियों को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है. इस विवाद को लेकर एक-दूसरे पर कई मुकदमे चल रहे हैं. लेकिन अब बंटवारे को लेकर समझौते का फॉर्मूला लगभग तय माना जा रहा है. अब इस पर अदालत की कानूनी मुहर लगना बाकी है.

ग्वालियर के सिंधिया राजघराने (Scindia royal family)  का वर्षों से चला आ रहा संपत्ति विवाद सुलझने के आसार नज़र आने लगे हैं. ग्वालियर जिला न्यायालय में ज्योतिरादित्य सिंधिया की ओर से समझौते का आवेदन दाखिल किया जा चुका है. मामले की अगली सुनवाई 8 जुलाई को होनी है. उम्मीद है कि इसी दौरान अन्य पक्ष भी समझौते का आवेदन पेश करेंगे.

समझौता हो जाता है तो दिल्ली, मुंबई, पुणे और ग्वालियर की अदालतों में वर्षों से लंबित एक दर्जन से अधिक मुकदमों का निपटारा हो जाएगा. अगर ऐसा होता है, तो ग्वालियर का मशहूर सिंधिया राज घराने की आपसी लड़ाई जल्द ही खत्म हो जाएगी और एक बार फिर पूरा सिंधिया परिवार एक हो जाएगा.

कौन-कौन सी प्रॉपर्टी पर विवाद
विवाद में जय विलास पैलेस, ऊषा किरण पैलेस
छोटी विश्रांति, हिरण्यवन कोठी, पद्मा विलास पैलेस
समुद्र महल फ्लैट्स, सिंधिया विला, कालियादेह पैलेस

यह प्रॉपटी ऐसी है, जिसको लेकर सिंधिया परिवार में मतभेद है, हो भी क्यों न इतनी बड़ी प्रॉपर्टी भला कौन छोड़ना चाहेगा. सूत्रों का दावा है कि समझौते का आधार “जो जहां काबिज, वही उसका मालिक” वाला फॉर्मूला हो सकता है. हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है. अब कोर्ट ही राजघराना परिवार का मामला सुलझा सकता है. वहीं, राजमाता विजयाराजे सिंधिया की पूजा में इस्तेमाल होने वाले पन्ने के दिव्य शिवलिंग को लेकर भी चर्चा है कि वो समझौते के तहत केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के हिस्से में आ सकता है. अगर ऐसा होता है, तो ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए यह फैसला काफी मायने रखता है. अब 8 जुलाई को इस मामले पर कोर्ट में सुनवाई होनी है और अभी से सभी की धड़कने तेज हो गई है. कौन सा हिस्सा किसके खाते में आएगा. यही आंकलन करने में सभी लगे हैं.

फिलहाल सभी की नजरें 8 जुलाई की सुनवाई पर टिकी हैं. अगर अदालत में समझौते पर मुहर लगती है. तो सिंधिया राजपरिवार का ये बहुचर्चित पारिवारिक संपत्ति विवाद इतिहास बन जाएगा.