Ram Janmabhoomi donation controversy-चढ़ावा चोरी मामले की जांच की आंच किस-किस पर पहुंच सकती है. क्या मंदिर ट्रस्ट में बड़ा बदलाव हो सकता है. क्या बड़े अधिकारियों को बदला जा सकता है. क्या ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय भी इस दायरे में आ सकते हैं. ऐसे कई सवाल हैं.
इस बीच मंगलवार को रामजन्मभूमि परिसर में शेषावतार मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण समारोह संपन्न हुआ. इस आयोजन के मुख्य संचालक श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय थे.यह कार्यक्रम हाल ही में मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर मचे विवाद के बीच हुआ .माना जा रहा था कि इसमें यूपी के दोनों डिप्टी सीएम मौजूद होंगे, लेकिन वो नहीं आए. वहीं चढ़ावा चोरी विवाद के बीच पहली बार चंपत राय किसी बड़े सार्वजनिक मंच पर दिखे.
चढ़ावा चोरी को लेकर बड़े आरोप लगे हैं
सिंधी समाज द्वारा दान की गई 200 किलो चांदी को लेकर भी मामला है…विश्व सिंधी सेवा संगम के इंटरनेशनल प्रेसिडेंट डॉ. राजू मनवानी ने एक बार फिर नया वीडियो जारी कर आरोप लगाया है कि दान की गई चांदी की रशीद उन्हें नहीं दी गई है और वो ये जानना चाहते हैं कि चांदी की इन ईंटों का क्या हुआ?
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT ने सरकार को 20 पन्नों की अंतरिम रिपोर्ट सौंप दी है. रिपोर्ट में 20 से अधिक लोगों पर FIR दर्ज करने की सिफ़ारिश की गई है
ट्रस्ट का पुनर्गठन करने की सिफारिश की गई है, साथ ही यह भी सुझाव दिया गया है कि, किसी वरिष्ठ अधिकारी को मंदिर का सीईओ नियुक्त किया जाए। सूत्रों के मुताबिक अब तक किसी को क्लीन चिट नहीं मिली है दान राशि की गणना में गंभीर सवाल उठाए गए हैं. रिपोर्ट में गणना कर्मियों के चयन पर सवाल उठाए गए हैं. चढ़ावे की गिनती में लोगों को कैसे भर्ती किया गया, इस पर सवाल है. सूत्रों का दावा है कि निगरानी व्यवस्था पर भी रिपोर्ट में सवाल उठाए गए हैं. कुछ कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज करने की सिफारिश की गई है. ये कर्मचारी कौन है फिलहाल इनका नाम सामने नहीं आ पाया है.
वहीं सरकार की तरफ से साफ किया गया है कि जांच की कार्रवाई अभी जारी हैं.
यानी यह अंतिम रिपोर्ट नहीं है और मामले की जांच अभी आगे भी जारी रहेगी. अखिलेश यादव ने एक बार फिरएसआईटी पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने एक्स पर लिखा है
FIR के बिना SIT ‘बिना तीर की कमान’ है.
अब दान में दिये गये ‘कागभुसुंडि’ के गायब हो जाने की निंदनीय ख़बर आई है, जिस तरह हर दिन ‘चढ़ावा-चंदा-दान’ चोरी का नया भंडाफोड़ हो रहा है और सनातनी आस्थावानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है, उसे देखकर नेपाल और बाक़ी बार्डर बंद कर देने चाहिए, जिससे आरोपी फ़रार न हो सकें. जब अभी खुलासे हो ही रहे हैं तो SIT की जाँच क्या हासिल कर लेगी और ख़ासतौर से तब जब ये ‘जाँच’ से ज़्यादा ‘ढाँक’ के लिए बनी है या फिर ‘बाँट’ के लिए.
वहीं जांच के दौरान एसआईटी ने ट्रस्ट के बड़े अधिकारियों समेत करीब 150 लोगों से सवाल जवाब किए थे. कई मामलों में चंपत राय के करीबी टिन्नी यादव का नाम सामने आया…चढ़ावे की रसीद न देना. अपने लोगों को वीआईपी दर्शन करवाना. चढ़ावे आए नोट गायब होना जैसी बातें सामने आई हैं. देखना ये है कि जब ये रिपोर्ट पूरी आती है, तो किस-किस पर कार्रवाई होती है.
