यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री ‘बाल सेवा योजना’ (Bal Seva Yojana)आज सूबे में लाखों बेसहारा और अनाथ बच्चों के लिए वरदान साबित हो रही है।सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस योजना से राज्य के एक लाख से अधिक बच्चों को सीधे आर्थिक लाभ मिल रहा है। अपनी इस महत्वाकांक्षी योजना के जरिये मुख्यमंत्री ऐसे बच्चों के जीवन को अंधकार में डूबने से बचा रहे हैं।
कोविड-19 महामारी और अन्य कारणों से अनाथ हुए बच्चों के कल्याण के लिए योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना शुरू की है। योगी सरकार की यह योजना अनाथ और बेसहारा बच्चों को आर्थिक,शैक्षणिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान कर रही है।
चाहे कोविड महामारी के कारण माता-पिता को खोने वाले बच्चे हों या अन्य कारणों से अनाथ हुए मासूम,योगी सरकार ऐसे बच्चों के शिक्षा से लेकर भरण-पोषण और विवाह तक का पूरा खर्च उठा रही है।
‘बाल सेवा योजना’का उद्देश्य
सीएम योगी की इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन बेसहारा बच्चों को माता-पिता के समान सहारा देना है,जिन्होंने महामारी या किसी अन्य कारण से अपने अभिभावकों या संरक्षक को खो दिया है।योगी सरकार ऐसे बच्चों की इस योजना के जरिये समग्र विकास की व्यवस्था करती है। सरकार इस योजना को अंत्योदय दर्शन का हिस्सा भी मानती है।
‘बाल सेवा योजना’ के मुख्य लाभ
आर्थिक सहायता-18 साल तक के बच्चों को 2,500 रुपये हर महीने आर्थिक सहायता डीबीटी के जरिये सीधे खाते में दी जाती है।
18 से 23 साल- स्नातक या डिप्लोमा की शिक्षा पूरी करने तक 2,500 रुपये की मासिक सहायता।
शिक्षा सुविधाएं- अटल आवासीय विद्यालयों में मुफ्त आवासीय शिक्षा, लैपटॉप/टैबलेट और छात्रवृत्ति।
अन्य लाभ- स्वास्थ्य बीमा,लड़कियों के लिए शादी सहायता,कौशल विकास और पुनर्वास।
उच्च शिक्षा के लिए विस्तार- यदि बच्चा 12वीं पास करने के बाद राजकीय संस्थानों से स्नातक (Graduation) या डिप्लोमा कर रहा है,या NEET,JEE,CLAT जैसी राष्ट्रीय परीक्षाओं को पास करता है, तो उसे 18 से 23साल की आयु तक भी 2,500रुपये प्रति माह की मदद जारी रहती है।
बाल सेवा योजना पात्रता की शर्तें
यदि माता या पिता में से कोई एक जीवित है,तो परिवार की वार्षिक आय तीन लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
1 मार्च 2020 के बाद माता-पिता दोनों या किसी एक संरक्षक की मृत्यु हो गई हो।
लड़का या लड़की उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी हो।
जेल में बंद माता-पिता के बच्चे,बाल श्रम,भिक्षावृत्ति या वेश्यावृत्ति से रेस्क्यू किए गए बच्चे भी सामान्य श्रेणी के तहत इसके पात्र हैं।
एक परिवार के अधिकतम 2 बच्चों को ही इस योजना का लाभ मिल सकता है।
कैसे किया जा सकता है आवेदन?
https://mbsyup.in/या महिला कल्याण विभाग की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। जरूरी दस्तावेजों जो आपको देना होगा,उसमें- मृत्यु प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, निवास प्रमाण और फोटो शामिल हैं।csc केंद्र या जिला महिला कल्याण अधिकारी के जरिये से भी इस योजना का लाभ पाने के लिए आवेदन किया जा सकता है।
योगी सरकार की उपलब्धियां
योगी सरकार ने 2025-26 के बजट में इस योजना के लिए 252 करोड़ आवंटित किए हैं।
‘बाल सेवा योजना’ का प्रभाव
बाल सेवा योजना केवल बच्चों को आर्थिक मदद ही नहीं देती,बल्कि उन्हें सम्मानजनक जीवन और बेहतर भविष्य देने का जरिया है। पहले जहां माता-पिता की मृत्यु के बाद ऐसे बच्चे असहाय महसूस करते थे,वहीं आज योगी सरकार उन्हें माता-पिता का सहारा दे रही है।
मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार अनाथ बच्चों के कल्याण को प्राथमिकता दे रही है।और सही मायने में ’कोई बच्चा असहाय नहीं रहेगा’ का संकल्प पूरा कर रही है।
